– बिना जरूरी जानकारी वाले पैकेट बाजार में बिकने की शिकायतें
-मियाद खत्म खाद्य पदार्थों की बिक्री पर एफडीए की निगरानी सवालों के घेरे में
सुनील ओसवाल / मुंबई
सुबह के नाश्ते से लेकर बच्चों के टिफिन तक पहुंचने वाला ब्रेड अब खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के सामने गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मुंबई और उपनगरों में पैिंकग वाले ब्रेड, पाव और बिस्कुट पर जरूरी जानकारी नहीं होने तथा मियाद समाप्त होने के बाद भी खाद्य पदार्थ बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। अगर पैकेट पर इस्तेमाल की अंतिम तारीख ही स्पष्ट नहीं होगी, तो ग्राहक अपने परिवार की सेहत की सुरक्षा वैâसे करेगा? आखिर ऐसी बिक्री पर निगरानी कौन रख रहा है?
ब्रेड लाखों परिवारों की रोजमर्रा की जरूरत है। ऐसे में पैकेट पर लागू नियमों के मुताबिक, निर्माण की तारीख, एक्सपायरी डेट अथवा ‘बेस्ट बिफोर’ अवधि, बैच नंबर और अन्य अनिवार्य जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है। लेकिन यदि बाजार में बिना जरूरी लेबलिंग वाले पैकेट पहुंच रहे हैं, तो यह जांच का विषय है। आकर्षक पैकिंग के पीछे खाद्य सुरक्षा से समझौता हो रहा है या नहीं, इसकी पड़ताल जरूरी है।
एफडीए की निगरानी पर सवाल
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की जिम्मेदारी केवल होटल और मिठाई की दुकानों तक सीमित नहीं हो सकती। बेकरी, किराना दुकानों और पैिंकग वाले खाद्य पदार्थ बेचने वाले केंद्रों की भी नियमित जांच जरूरी है। मियाद समाप्ति बाद उत्पादों की बिक्री की पुष्टि होने पर निर्माता, वितरक और विक्रेता की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। ब्रेड खरीदते समय पैकेट की तारीख, सील और गुणवत्ता जांचें। फफूंदी या खराब होने के संकेत दिखें तो सेवन न करें।
