मुंबई। महाराष्ट्र के औद्योगिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कारोबारी सौदा सामने आया है। इवोनिथ स्टील ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वर्धा स्थित इंद्रजीत पावर प्राइवेट लिमिटेड (आईपीपीएल) का सफलतापूर्वक अधिग्रहण कर लिया है। दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) प्रक्रिया के तहत कंपनी ने यह सौदा 232 करोड़ रुपये में पूरा किया है।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा 20 अप्रैल 2026 को इवोनिथ स्टील को सफल समाधान आवेदक (एसआरए) के रूप में मंजूरी दिए जाने के बाद अधिग्रहण की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं। इस सौदे के साथ अब 85 मेगावाट क्षमता वाला कोयला आधारित बिजली उत्पादन संयंत्र इवोनिथ स्टील के नियंत्रण में आ गया है।
कंपनी प्रबंधन का मानना है कि यह अधिग्रहण केवल एक व्यावसायिक निवेश नहीं, बल्कि भविष्य की विकास रणनीति का अहम हिस्सा है। स्टील उद्योग को अत्यधिक ऊर्जा खपत वाला क्षेत्र माना जाता है और उत्पादन की निरंतरता के लिए स्थिर एवं किफायती बिजली आपूर्ति बेहद आवश्यक होती है। ऐसे में अपने स्वयं के ऊर्जा स्रोत पर नियंत्रण कंपनी को लागत प्रबंधन और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण लाभ देगा।
इस अधिग्रहण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इंद्रजीत पावर का संयंत्र वर्धा स्थित इवोनिथ स्टील के उत्पादन केंद्र के बेहद निकट है। इससे बिजली आपूर्ति की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और लंबी दूरी के कारण होने वाले ट्रांसमिशन लॉस में भी कमी आएगी। साथ ही लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा दौर में ऊर्जा लागत उत्पादन लागत का बड़ा हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करना किसी भी स्टील कंपनी के लिए प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान कर सकता है। इवोनिथ स्टील का यह कदम इसी दिशा में एक दूरदर्शी निर्णय माना जा रहा है।
कंपनी के चेयरमैन जय सराफ ने कहा कि स्टील उत्पादन के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कंपनी आने वाले वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है और बढ़ती ऊर्जा मांग को प्रतिस्पर्धी लागत पर पूरा करने के लिए यह अधिग्रहण अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह पावर प्लांट कंपनी की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य की विस्तार परियोजनाओं के लिए भी मजबूत ऊर्जा आधार तैयार करेगा। उद्योग जगत में इस सौदे को इवोनिथ स्टील की दीर्घकालिक विकास रणनीति और ऊर्जा सुरक्षा को नई मजबूती देने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
