सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना की भव्य दशहरा रैली मंगलवार को शिवतीर्थ पर पारंपरिक तरीके से आयोजित की जाएगी। देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उठे देशव्यापी विरोध, विद्यार्थियों के आंदोलन, सूखे की स्थिति और भाजपा सरकार के मनमाने शासन की पृष्ठभूमि में होने वाली शिवसेना की इस दशहरा रैली पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे इस रैली को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर संविधान की रक्षा की लड़ाई की मशाल धधकेगी।
देश और महाराष्ट्र पर जब-जब संकट आया है, तब-तब शिवसेना ने आक्रामक भूमिका अपनाई है। आज भी सत्ताधारियों की दमनकारी कार्रवाइयों से देश के विद्यार्थी, युवा और आम नागरिक परेशान हैं। भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। देश में तिरंगा फहराना भी अपराध बनता जा रहा है। संविधान ही खतरे में आ गया है। इसलिए विपक्षी दलों के साथ शिवसेना भी संविधान की रक्षा के लिए पूरी ताकत से सड़क पर उतर आई है। ऐसे माहौल में आयोजित होने वाली दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे शिवसैनिकों और मराठी जनता को क्या संदेश देंगे, इसे लेकर पूरे देश में उत्सुकता है।
धूमधाम से आएं, गुलाल उड़ाते हुए पहुंचें!
शिवसेना की दशहरा रैली के लिए शिवतीर्थ पर जोरदार तैयारियां चल रही हैं। भव्य मंच तैयार किया जा रहा है। रैली का प्रचारात्मक वीडियो भी जारी किया गया है। मंगलवार शाम पांच बजे होने वाली इस रैली के लिए वीडियो के माध्यम से आह्वान किया गया है कि संविधान की रक्षा की धधकती मशाल बनकर आएं और धूमधाम से गुलाल उड़ाते हुए पहुंचें। शिवसेना के सभी नेता, उपनेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिवसैनिक इस रैली में शामिल होंगे।
जेन-जी में भी रैली को लेकर उत्सुकता
नीट और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ विद्यार्थियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर और पुणे में आंदोलन किया था। इन आंदोलनों को शिवसेना का सक्रिय समर्थन मिला था। नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ आंदोलन सफल होने के बाद शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने विजय रैली भी आयोजित की थी। विद्यार्थियों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए शिवसेना की पहल पर शिवसेना, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे की उपस्थिति में तिरंगा आंदोलन भी किया गया था। आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए विद्यार्थियों और नई पीढ़ी के युवाओं की रिहाई के लिए शिवसेना ने हरसंभव प्रयास किए थे। इसी वजह से इस वर्ष की दशहरा रैली में नई पीढ़ी के युवाओं की भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।
