-टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बिश्नोई गैंग की धमकी, मचा हड़कंप
– फडणवीस सरकार में बॉलीवुड की सुरक्षा पर उठे सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
`सलमान के साथ काम किया तो उड़ा देंगे..’ बॉलीवुड में दहशत फैलाने वाली इस धमकी ने फिल्म उद्योग की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंबई के जुहू स्थित पुष्पा पार्क इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाकर कथित तौर पर पांच राउंड फायरिंग किए जाने की खबर ने हड़कंप मचा दिया। घटना में टाइगर श्रॉफ के सुरक्षित होने की जानकारी है, जबकि उनके चालक और एक रिक्शाचालक के घायल होने की खबर है। इस बीच सोशल मीडिया पर सलमान खान के साथ काम करने वालों को निशाना बनाने की चेतावनी वाला संदेश सामने आया। टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग मामले में गैंगस्टर अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इसकी जिम्मेदारी लेने की जानकारी दी। मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, फायरिंग, कथित धमकी और इनके पीछे बिश्नोई गैंग की भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। मिली जानकारी के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावर जुहू के पुष्पा पार्क इलाके में पहुंचे और टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलियां चलार्इं। इस दौरान उनके चालक और एक रिक्शाचालक के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की बात कही गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान करने और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
अपराध बेलगाम, व्यवस्था नाकाम, आखिर जवाबदेह कौन?-जीशान बाबा सिद्दीकी
महाराष्ट्र के एमएलसी जीशान बाबा सिद्दीकी ने सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि सपनों के शहर मुंबई में जो हो रहा है, वह बेहद गलत है। इंटेलिजेंस और जिम्मेदार अधिकारियों को इसका जवाब देना चाहिए, मुंबई जैसे शहर में अगर ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकामी मिल रही है, तो यह शर्म की बात है।
सरकार के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में मुंबई में कथित गोलीबारी और बॉलीवुड से जुड़े लोगों को धमकी मिलने की खबरों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी होने के साथ हिंदी फिल्म उद्योग का प्रमुख केंद्र भी है। ऐसे में यहां फिल्मी हस्तियों को लेकर सामने आने वाली हिंसा और धमकी की खबरें सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती हैं। सवाल यह है कि क्या मुंबई में आपराधिक गिरोहों की धमकियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा? पुलिस जांच से स्पष्ट होगा कि फायरिंग के पीछे कौन था, कथित धमकी का घटना से कोई संबंध है या नहीं और क्या इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका है।
