मुख्यपृष्ठनए समाचारगरबा में ‘पार्टनर माफिया’ का आतंक!

गरबा में ‘पार्टनर माफिया’ का आतंक!

– आस्था और मस्ती के उत्सव में कारोबार की एंट्री, अकेले युवाओं की बढ़ी परेशानी
– कपल पास और किराये के पार्टनर के विज्ञापनों ने खड़े किए सवाल

फिरोज खान / मुंबई

नवरात्रि में गरबा और डांडिया का उत्साह अपने चरम पर रहता है, लेकिन इस बार गरबा आयोजनों में सिंगल युवाओं के सामने एक अलग ही समस्या खड़ी होती नजर आ रही है। कपल पास की अनिवार्यता और किराये पर गरबा पार्टनर उपलब्ध कराने वाले विज्ञापनों ने मनोरंजन के इस उत्सव को नए विवाद में डाल दिया है। सवाल यह है कि क्या अब गरबा खेलने के लिए भी साथी का होना जरूरी हो गया है?
मुंबई में गरबा आयोजनों के दौरान कपल पास और पार्टनर से जुड़े विज्ञापनों की चर्चा ने उन युवाओं को असहज कर दिया है। कुछ विज्ञापनों में किराये पर पार्टनर उपलब्ध कराने जैसे दावे किए जा रहे है। इससे गरबा जैसे सांस्कृतिक उत्सव में पैसे के बदले साथी उपलब्ध कराने की प्रवृत्ति पर सवाल उठ रहे हैं। गरबा मूल रूप से सामूहिक आनंद, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का उत्सव है लेकिन यदि आयोजनों में कपल पास को प्राथमिकता दी जाती है, तो अकेले आने वाले युवाओं को भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, किराये के पार्टनर के विज्ञापनों की आड़ में किसी तरह की धोखाधड़ी या असुरक्षित मुलाकात की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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