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हनुमान मंदिर प्रयागराज में दानपत्रों से निकले नकली नोट के बाद प्रशासन चैकन्ना…नकली नोटों के कारोबार का शक

राजेश सरकार / प्रयागराज

कुंभनगरी प्रयागराज में सिविल लाइंस स्थित प्रसिद्ध श्री हनुमत निकेतन मंदिर के दान पात्रों से 9 नकली नोट मिलने की चैंकाने वाली जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। दानपात्रों में 500 रुपए का एक, 200 रुपए के 5 और 100 रुपए के 3 नकली नोट पाए गए। जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू की गई। जांच एजेंसियों को शक है कि प्रयागराज में नकली नोटों का कारोबार तोे नहीं पनप रहा। दरअसल, मंदिर प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद के बाद 20 मार्च 2024 को न्यायालय ने मंदिर के संचालन के लिए जिलाधिकारी प्रयागराज को रिसीवर नियुक्त किया था। जिलाधिकारी ने यह जिम्मेदारी एडीएम आपूर्ति विजय शर्मा को सौंपी है। वर्तमान में मंदिर का प्रबंधन जिला प्रशासन की निगरानी में संचालित हो रहा है। प्रशासन के अनुसार जनवरी, फरवरी और मार्च 2026 के 6 दानपात्रों की गिनती अब तक की गई है, जिनमें लगभग 13 लाख रुपए मिले। यह राशि बैंक में जमा कराई गई। नोटों की गिनती के दौरान बैंक की मशीन ने 9 नकली नोटों की पहचान की, जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने इसकी सूचना एडीएम आपूर्ति को दी।
चढ़ावे को लेकर चल रहा था विवाद
मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर वर्ष 2020 से विवाद चल रहा था। मामला न्यायालय पहुंचने के बाद 20 मार्च 2024 को अदालत ने मंदिर के संचालन के लिए जिलाधिकारी प्रयागराज को रिसीवर नियुक्त किया। जिलाधिकारी ने यह जिम्मेदारी एडीएम आपूर्ति विजय शर्मा को सौंप दी, तब से मंदिर का संचालन जिला प्रशासन की निगरानी में किया जा रहा है। चढ़ावे की राशि नियमित रूप से बैंक खाते में जमा कराई जा रही है।
जांच एजेंसियां सक्रिए
नकली नोट मिलने की सूचना के बाद संबंधित जांच एजेंसियों को मामले से जानकारी दी है। प्रारंभिक स्तर पर नोटों की जांच और स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह संभव है कि किसी श्रद्धालु ने अनजाने में नकली नोट दानपात्र में डाल दिए हों, लेकिन इस घटना ने शहर में नकली नोटों के संभावित नेटवर्क को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
चल रही दानपात्रों की गिनती
एडीएम आपूर्ति एवं मंदिर के नामित रिसीवर विजय शर्मा ने बताया कि बैंक से सूचना मिलने के बाद पूरा मामला जांच एजेंसियों को सौंप दिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार मंदिर के पिछले दो वर्षों के 24 दानपात्र अभी भी सील हैं। इनमें मौजूद चढ़ावे की राशि की गिनती अभी नहीं हुई है। ऐसे में आगे की गिनती के दौरान और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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