राजेश सरकार / प्रयागराज
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पर अदालत के भीतर हुए कायराना हमले के विरोध में अधिवक्ता मंच ने इलाहाबाद हाईकोर्ट स्थित बाबा साहब भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। मंच ने इस घटना को सिर्फ एक व्यक्तिगत हमले के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय संवैधानिक ढांचे, न्यायपालिका और कानून के शासन पर हमला करार दिया। अधिवक्ता मंच ने कहा कि अदालत के भीतर किसी भी व्यक्ति द्वारा मुख्य न्यायाधीश पर जूता उछालना न सिर्फ न्यायिक मर्यादा का उल्लंघन है बल्कि यह संवैधानिक लोकतंत्र के लिए भी खतरनाक संकेत है। मंच के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया
कि यह घटनाक्रम सत्ताधारी दल की जातिवादी और सांप्रदायिक नीतियों से उपजे वातावरण का
परिणाम है, जिसमें बड़े से बड़े पदों पर बैठे व्यक्ति भी धार्मिक और जातीय उन्माद का शिकार
बन रहे हैं
