उमेश गुप्ता / वाराणसी
शंकराचार्य स्वामिश्री (अविमुक्तेश्वरानंद) सरस्वती जी महाराज छत्तीसगढ़ में चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान पूर्ण कर आज बुधवार को सायं काशी पधारे। काशी पधारने पर संतों, भक्तों एवं काशीवासियों ने ब्रम्हचारी परमात्मानंद जी के अगुवाई में शहनाई, ढोल, नगाड़े, पुष्पवर्षा एवं जयकारे से शंकराचार्य जी का भव्य स्वागत किया। शंकराचार्यजी के श्रीविद्यामठ पहुंचने पर कमला प्रसाद मिश्रा एवं प्रेमलता मिश्रा ने शंकराचार्य जी के चरण पादुका का पूजन कर आरती उतारी।शंकराचार्य जी के आगमन मार्ग पर भारी संख्या में उपस्थित भक्तों ने उनका दर्शन, वंदन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त कर किया।
श्रीविद्यामठ में मीडिया से बातचीत करते हुए शंकराचार्य जी ने कहा कि हम अपना छत्तीसगढ़ से चातुर्मास्य व्रत पूर्ण कर काशी आए हैं और अब गौमाता के प्राणों की रक्षा एवं उनको राष्ट्रमाता बनाने की अपनी मांग को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे। अभी भी हम आशा करते हैं कि सत्ता गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कर उनके प्राणों की रक्षा करेगी। अगर ऐसा नही हुआ तो हम पुनः विपक्ष से गौमाता की बात को आगे बढ़ाने का आग्रह करेंगे।और सनातनियों को जागृत कर गौमाता का हम इतना वोट बना देंगे कि राजनैतिक दल गौमाता को राष्ट्रमाता बनाकर उनके प्राणों की रक्षा हेतु मजबूर हो जाएंगे। इसके बाद भी राजनैतिक दल गौमाता हेतु गम्भीर नही हुए तो हम फिर दूसरे विकल्प पर विचार करेंगे।
अयोध्या राममंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में हम दूध का दूध पानी शंकराचार्य जी ने कहा कि राम मंदिर चोरी प्रकरण में मुख्य लोगों को बचाकर कुछ लोगों को बलि का बकरा बना दिया है।और मुख्यमंत्री जी दूध का दूध पानी का पानी कैसे करेंगे जब उनके आँख में पानी है ही नही और 71 लाख गायों को मरवा दिया तो दूध कहां से लाएंगे?अब न दूध है न पानी है बस रेत ही रेत है।
शंकराचार्य जी स्वागत समारोह में साध्वी पूर्णांबा दीदी, साध्वी शारदांबा दीदी, संजय पाण्डेय, अनुसूया प्रसाद उनियाल, रवि त्रिवेदी, हजारी कीर्ति शुक्ला, श्रीप्रकाश पाण्डेय, वैभव त्रिपाठी, पं सदानंद तिवारी, दिनेश मिश्रा, अभय शंकर तिवारी, सौरभ हजारी शुक्ला, लता पाण्डेय, माधुरी पाण्डेय, उर्मिला शुक्ला, रिंकी सिंह, सुनीता जायसवाल सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।
