राजेश सरकार / प्रयागराज
संगम से 800 मीटर दूर बंधवा मार्ग स्थित लेटे हनुमान जी को चौथी बार आठ दिन जलशयन कराने के बाद मंगलवार को मां गंगा-यमुना मंदिर प्रांगण से प्रस्थान कर गईं। इसके बाद से रुद्रावतार हनुमान जी का दर्शन-पूजन करने को भक्तों के लिए मंदिर पट खोल दिया गया। गंगा-यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से हनुमान जी जलशयन को चले गए थे। ये आस्था का संगम ही है, जहां नदी का जलस्तर बढ़ने पर लोगों में खुशी होती है। बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि ने बताया कि मां गंगा के प्रस्थान के बाद पंचामृत से उनकी प्रतिमा का अभिषेक किया गया। उनकी आरती उतारी गई।
बता दें कि शहर के संगम तट स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर में विश्राम मुद्रा में प्रभु विराजमान हैं। मां गंगा हर साल लेटे हनुमान जी के पांव पखारने आती हैं। इस बार भी लगातार जलस्तर बढ़ा और हनुमान जी ने 4 बार जलशयन किया। मंदिर में मां गंगा की वापसी के बाद घंटा-घड़ियाल और शंखनाद के बीच जयकारों की गूंज से वातावरण प्रफुल्लित हो उठा। बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि ने बताया कि मान्यता है कि मां गंगा द्वारा हनुमान जी को स्नान कराने के बाद प्रयागराज में खुशियां आती है। लेटे हनुमान मंदिर में गंगा जी की वापसी हुई तो शिव अवतार हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। मंगलवार दोपहर 12 बजे आरती के पश्चात् दर्शन के लिये मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए थे।
