अनिल मिश्र / रांची / पटना
एक ओर जहां नब्बे के दशक के बाद अविभाजित बिहार के अधिकांश इलाके लाल आतंक के साये में था। जहां शाम होते ही घरों में दुबक जाते थे। लिखना -पढ़ना सब बंद था। वहीं आज स्थितियां बदल गई। जहां गोलियों की तड़तड़ाहट और बमों की आवाज सुनाई देती थी। वहीं आज सिलाई मशीन यानी टेलरिंग की खटखटाहट और कम्प्यूटर की माऊस नजर आती है। जहां पुरुष को छोड़कर महिलाएं चारदिवारी में कैद रहती थीं। वहीं आज की टीन एजर्स लड़कियां और महिलाएं सिलाई कढ़ाई के साथ साथ कम्प्यूटर के सहारे डिजिटल दुनिया की चकाचौंध से रू-बरू हो रही हैं। इसी सिलसिले में बिहार और झारखंड प्रदेश में फिलहाल कार्य कर रही सर्वोदय फाउंडेशन फॉर एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट ने सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कौशल विकास के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस बीच संस्था ने झारखंड के चतरा जिला स्थित हंटरगंज में मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा प्रशिक्षण शुरू किया है, वहीं बिहार के गया जिले के अमरुत, डोभी तथा झारखंड के हंटरगंज में मुफ्त सिलाई एवं दर्जी प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की है। यह पहल उन ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को ध्यान में रखकर की गई है, जो उच्च शिक्षा या महंगे तकनीकी प्रशिक्षण तक पहुंच नहीं रखते। फाउंडेशन का लक्ष्य इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाना एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
कंप्यूटर साक्षरता-हंटरगंज, चतरा (झारखंड)
हंटरगंज क्षेत्र में अब युवाओं को बिना किसी शुल्क के कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में टाइपिंग, ऑफिस एप्लिकेशन, इंटरनेट का उपयोग, और डिजिटल लिटरेसी शामिल है। यह कोर्स विशेष रूप से विद्यार्थियों, बेरोजगार युवाओं और छोटे व्यवसायियों के लिए डिजाइन किया गया है ताकि वे सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल भुगतान का लाभ उठा सकें।
सिलाई एवं दर्जी प्रशिक्षण केंद्र
· अमरुत -डोभी, गया (बिहार) : यहां ग्रामीण महिलाओं के लिए एक समर्पित सिलाई केंद्र खोला गया है। महिलाओं को कढ़ाई, सिलाई, डिजाइनिंग और छोटे पैमाने की टेलरिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे वे घर बैठे ही परिधान निर्माण का छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
· हंटरगंज, चतरा (झारखंड) : यहां भी इसी तर्ज पर महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित सिलाई प्रशिक्षण केंद्र संचालित है। अब तक 60 से अधिक महिलाएं इन केंद्रों में नामांकन ले चुकी हैं।
प्रशिक्षण की विशेषताएं
· पूर्णतया निःशुल्क प्रशिक्षण (कोई ट्यूशन फीस नहीं)
· प्रैक्टिकल हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग
· प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र
· स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने में सहायता
स्थानीय समुदाय पर प्रभाव
सर्वोदय फाउंडेशन के क्षेत्र समन्वयक [नाम] ने बताया, “हंटरगंज और अमरुट डोभी जैसे अंत्योदय गांवों में युवाओं के पास न तो कोचिंग का साधन था और न ही रोजगारपरक कौशल। अब कंप्यूटर ज्ञान से वे ऑनलाइन नौकरियों, डाटा एंट्री, सरकारी फॉर्म आदि के लिए सक्षम हो रहे हैं। वहीं सिलाई केंद्र महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं-कई महिलाएं पहले से ही घर पर ऑर्डर लेना शुरू कर चुकी हैं।”
एक प्रशिक्षु, रीना देवी (अमरुट डोभी) ने कहा, “पहले सिलाई सीखने के लिए शहर जाना पड़ता था, जो महंगा था। अब गांव में ही मुफ्त प्रशिक्षण मिल रहा है। मैं अब अपने परिवार की आय में योगदान दे पा रही हूं।”
भविष्य की योजनाएं
फाउंडेशन जल्द ही हंटरगंज में एडवांस कंप्यूटर कोर्स (डीटीपी, टैली) और अमरुट डोभी में ब्यूटीकल्चर प्रशिक्षण शुरू करने की योजना बना रहा है। साथ ही, प्रशिक्षित प्रतिभागियों को स्वरोजगार एवं ऋण सुविधाओं से जोड़ने में सहायता प्रदान की जाएगी।
सर्वोदय फाउंडेशन फॉर एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट के बारे में
यह संस्था शिक्षा, कौशल विकास, जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्यरत है। इसका ध्येय वंचित समुदायों को सशक्त बनाना तथा रोजगारपरक प्रशिक्षणों के माध्यम से पलायन रोकना है।
