सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना से गद्दारी करने वाले नेता भाजपा नेतृत्व की खुशामद में लगे हुए हैं। यही गद्दार अब हमें चुनौती दे रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि आंडू, पांडू और बंडू जैसे न जाने कितने गद्दार आए और चले गए। शिवसैनिक गद्दारी के खिलाफ मजबूती से लड़ना जानते हैं। ‘ऑपरेशन तुड़वा’ गद्दारी के खिलाफ शिवसेना का अभियान है और इसके लिए किसी अलग आदेश की आवश्यकता नहीं है। यह विचार उन्हें हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से मिला है। इस तरह का जोरदार हमला शिवसेना सांसद संजय राऊत ने परभणी की सभा में गद्दार सांसद संजय जाधव पर बोला।
इस दौरान संजय राऊत ने कहा कि जहां भी गद्दार दिखे, उसका राजनीतिक विरोध करो और उससे जवाब मांगो। इसके लिए किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है। संजय राऊत ने कहा कि शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे का परभणी में जिस तरह स्वागत किया गया और गद्दारों के खिलाफ जिस प्रकार जनाक्रोश देखने को मिला, उससे एक बार फिर साबित हो गया कि परभणी को देश का ‘जर्मनी’ क्यों कहा जाता है। आज तक परभणी में कोई भी गद्दार लंबे समय तक टिक नहीं पाया। इस परभणी में कई नेता आए और चले गए, लेकिन शिवसेना आज भी उसी मजबूती के साथ कायम है और आगे भी रहेगी।
स्वयं को ‘बंडू द बॉस’ कहता है गद्दार सांसद
उन्होंने कहा कि गद्दार सांसद स्वयं को ‘बंडू द बॉस’ कहता है और विकास की बातें करता है। लगभग २० वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद वह एक साधारण आटा चक्की तक नहीं ला सका और अब विकास का दावा कर रहा है। संजय राऊत ने सभा में कहा कि उन्हें पहले लगा था कि यह विजय जुलूस है, लेकिन बाद में पता चला कि वे राजनीतिक रूप से पराजित नेतृत्व के अंत का प्रतीक बनने वाली सभा में आए हैं। अंत में उन्होंने शिवसेना कार्यकर्ताओं से संघर्ष की भावना और लड़ने का जज्बा बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि यही जज्बा भविष्य में भी कायम रहना चाहिए।
