सामना संवाददाता / नई दिल्ली
तमिलनाडु में बीजेपी की मुसीबत थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य प्रमुख के.अन्नामलाई के बाद अब यहां पूर्व विधायक एजी सम्पथ ने पार्टी का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने सत्ता में आई पहली राजनीतिक पार्टी टीवीके का दामन पकड़ लिया है। सम्पथ ने अन्नामलाई की शुरु किए गए, नए आंदोलन ‘ईधू नम्मा इयक्कम'(यह हमारा आंदोलन है) में शामिल होने की कोई उम्मीद जाहिर नहीं की थी। वो अब विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम में शामिल हो गए।
एजी सम्पथ ने पार्टी छोड़ने का पहला और प्राथमिक कारण राज्य में लगातार लोकतंत्र की कमी, बीजेपी के भीतर विचारों का आपसी मतभेद और राज्य के लोगों की भावनाओं के साथ अलगाववाद जैसे रवैए को बताया। आगे उन्होंने कहा कि बीजेपी ने न केवल अध्यक्ष अन्नामलाई को बल्कि उनके जैसे पार्टी में काम करने वाले नेताओं को भी आहत किया है। ये सच है कि मैंने बीजेपी का साथ तमिलनाडु के समाज कल्याण के लिए दिया था, ताकि राज्य में सकारात्मक बदलाव ला सकें। उसके बाद सम्पथ ने कहा कि बीजेपी को छोड़ने का पैâसला अन्नामलाई के पैâसले से प्रेरित था। अन्नामलाई के जाने के बाद त्यागपत्र देना जरुरी हो गया था, क्योंकि उनके जाने से पहले यह पार्टी उन्हीं के नक्शे कदम पर चल रही थी। लेकिन पार्टी अब अपने मूल उद्देश्य से भटक गई है। राज्य के लोगों की भावनाओं का कोई मूल्य नहीं रहा, भाजपा वहां के लोगों के लिए खरी उतरने में असफल रही। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा से अन्नामलाई का शिष्य रहा हूं, उनके मार्गदर्शन पर चलता रहा हूं, लेकिन अब उनके जाने के बाद इस पार्टी में मेरे रहने का कोई मकसद नहीं बचा। इसलिए मैं अपना इस्तीफा दे रहा हूं।
