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उत्तर की बात : अखिलेश ने की जनेश्वर मिश्र पार्क को बचाने की अपील

रोहित माहेश्वरी लखनऊ

लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में प्रस्तावित सरकारी कार्यक्रमों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने लखनऊ व प्रदेश के नागरिकों से पार्क की हरियाली बचाने के लिए नागरिक आंदोलन की तरह आगे आने की अपील की। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लालच में पार्कों को व्यावसायिक इस्तेमाल की ओर धकेल रही है, जिससे हर मोहल्ले के पार्कों पर ठेकेदारों का कब्जा बढ़ने का खतरा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते विरोध न हुआ तो लखनऊ की हवा और नागरिक जीवन पर गंभीर असर पड़ेगा।
‘संसद शांतिपूर्वक चले, जनहित पर हो गंभीर चर्चा’
बसपा सुप्रीमो मायावती ने संसद के कल शुरू हुए शीतकालीन सत्र को लेकर कहा कि उनकी इच्छा है कि दोनों सदन सुव्यवस्थित और शांतिपूर्वक चलें। उन्होंने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण, वोटर लिस्ट के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हो रही अव्यवस्थाएं, बीएलओ पर बढ़ता दबाव और आत्महत्या जैसी घटनाओं पर संसद में गंभीर चर्चा की मांग की। मायावती ने कहा कि केवल आरोप-प्रत्यारोप से कुछ नहीं होगा; सत्ता और विपक्ष दोनों को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर जनहित में संवेदनशील और जिम्मेदार बनना होगा।
‘यह आत्महत्या नहीं, सिस्टम की हत्या’
प्रयागराज में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एसआईआर के दबाव में मरने वाले बीएलओ अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ये मौतें आत्महत्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की ‘हत्या’ हैं। संजय सिंह ने पीड़ित परिवारों को १-१ करोड़ रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की आड़ में दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के वोट बड़ी संख्या में काटे जा रहे हैं। ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।
हमीरपुर दुष्कर्म पीड़िता की मौत!
चंद्रशेखर आजाद का सरकार पर सवाल
हमीरपुर की १४ वर्षीय पीड़िता, जिसके साथ २८ अक्टूबर को सामूहिक दुष्कर्म कर तेजाब पिलाया गया था, ३१ दिन तक सात अस्पतालों में भटकने के बाद केजीएमयू लखनऊ में दम तोड़ गई। परिजनों ने इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगाया। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने इसे उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनहीनता की ‘खूनी चार्जशीट’ बताते हुए पूछा-‘गरीब की बेटी सिर्फ मरने के लिए पैदा होती है क्या?’ उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की।

एसआईआर दबाव से यूपी में चार बीएलओ की मौत!
कांग्रेस का केंद्र पर हमला
मुरादाबाद में बीएलओ सर्वेश सिंह ने एसआईआर के दबाव से तंग आकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उन्होंने घुटन, डर और बढ़ते काम के बोझ का जिक्र किया। बीते दो दिनों में प्रदेश में बीएलओ शोभा रानी, रंजू दुबे और आशीष कुमार की भी इसी दबाव में मौत हो गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयुक्त इन घटनाओं पर गंभीर नहीं हैं और एसआईआर को ‘वोट चोरी’ का औजार बना दिया गया है।

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