– वर्ना अन्य विकल्प चुनने की दी जाने लगी हैं धमकियां
सामना संवाददाता / मुंबई
कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर महापालिका चुनावों के लिए प्रभागों का आरक्षण गत मंगलवार को घोषित कर दिया गया। प्रभाग आरक्षण घोषित होने के साथ ही भाजपा-शिंदे गुट में बगावत के आसार दिखने लगे हैं। इन दोनों दलों के कई पूर्व नगरसेवक अपने परिवार के लिए तीन से चार टिकट मांगने लगे हैं। साथ ही हमें टिकट नहीं दिए गए तो अन्य विकल्प चुनने की धमकियां जिला नेतृत्व को देने लगे हैं। ऐसे में दोनों दलों के पदाधिकारियों के सामने दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वहीं कई अन्य पदाधिकारी, जो सालों से नगरसेवक बनने की आस लगाए बैठे हैं, उन्होंने भी धमकियां देनी शुरू कर दी हैं कि अगर टिकट नहीं दिया गया तो अन्य माध्यम से चुनाव लड़ेंगे। यानी पार्टी से बगावत करेंगे।
शिंदे गुट और भाजपा में जिस प्रकार से कल्याण-डोंबिवली में धमकियों का दौर चल रहा है, उसे देखते हुए लगता है कि आने वाले दिनों में यहां शिंदे गुट और भाजपा में भारी बगावत होगी। बता दें कि गत मंगलवार को वॉर्डों के आरक्षण की घोषणा कर दी गई। इस ड्रॉ के कारण कई लोगों के टिकट कट गए, जबकि कुछ लोगों के लिए एक ही घर में दो से तीन टिकट पाना आसान हो गया। इस प्रकार के ड्रॉ ने कई लोगों को चुनाव लड़ने के लिए उत्साहित किया है, वहीं कुछ लोगों हतोत्साहित किया है।
कडोंमपा में १२२ वॉर्डों में से चार सदस्यीय वॉर्ड प्रणाली में कुल ३१ वॉर्ड हैं। कुल १२२ सीटों में से १२ अनुसूचित जाति, ३ अनुसूचित जनजाति, ३१ पिछड़ा वर्ग के लिए एक ड्रॉ के माध्यम से, ३७ सीटें सामान्य महिला और ३८ अनारक्षित सीटें आरक्षित हैं। आरक्षण सूची का प्रारूप प्रकाशित होने के बाद, नागरिक १७ से २४ नवंबर के बीच आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इसी प्रकार उल्हासनगर महापालिका का वॉर्ड आरक्षण घोषित किया गया है। आरक्षण घोषित होने के साथ ही भाजपा-शिंदे गुट में एक परिवार से तीन-तीन, चार-चार टिकट की मांग उठने लगी है।
