द्रुप्ति झा / मुंबई
महंगाई की मार झेल रहे मुंबईकरों पर अब सफर का खर्च भी भारी पड़ने वाला है। घरेलू गैस, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों के बीच ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सी का किराया बढ़ाने का फैसला आम यात्रियों की जेब पर नया बोझ डालने जा रहा है। मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (एमएमआरटीए) की बैठक में किराया वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, ऑटो-रिक्शा का न्यूनतम किराया २६ रुपए से बढ़कर २७ रुपए, जबकि काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया ३१ रुपए से बढ़कर ३३ रुपए हो जाएगा। नया किराया सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद १ सितंबर से लागू होने की उम्मीद है। यह बढ़ोतरी सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहेगी। मुंबई महानगर क्षेत्र के ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, वसई-विरार और पनवेल में भी नया किराया लागू होगा।
ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने जहां किराया बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है, वहीं यात्रियों और नागरिक संगठनों में नाराजगी है। रोज स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले यात्रियों का कहना है कि छोटी दूरी के सफर पर भी अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा और इसका सीधा असर मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा। गौरतलब है कि इससे पहले १ फरवरी २०२५ को भी ऑटो और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी की गई थी।
