-बांग्लादेश में फिर हिंदू परिवार की हत्या, विपक्ष ने केंद्र को घेरा
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या की खबर ने अल्पसंख्यक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही परिवार के रिटायर्ड शिक्षक, उनकी पत्नी, बेटी और १२ वर्षीय बेटे के शव घर के अलग-अलग हिस्सों से मिलने की सूचना है। घटना की जांच पुलिस और फोरेंसिक टीम कर रही है। घटना को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की बांग्लादेश नीति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का तर्क है कि जब पड़ोसी देश में हिंदू परिवारों की हत्या जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, तब बांग्लादेश के साथ कूटनीतिक रिश्तों और नेतृत्व स्तर की मेहमाननवाजी पर सरकार को स्पष्ट रुख बताना चाहिए।
मृतकों की पहचान ६५ वर्षीय गणपति चक्रवर्ती ज्वेल, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती बाला, २५ वर्षीय बेटी कंडी चक्रवर्ती और १२ वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, घर कुछ समय से बाहर से बंद था। बाद में दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों को संदेह हुआ और मामला सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षक का शव छत पर, जबकि उनकी पत्नी और बेटी के शव सीढ़ियों पर मिले। बच्चे का शव बिस्तर के नीचे से बरामद होने की बात कही गई है। महिला और बेटी के साथ यौन हिंसा के आरोपों की भी खबर है, हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
विपक्ष का तगड़ा वार…`पहले हिंदुओं की सुरक्षा, फिर स्वागत!’
बांग्लादेश में हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या की खबर के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार की नीति पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना बांग्लादेशी नेतृत्व के स्वागत की तैयारी पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
बांग्लादेश में हिंदुओं की जिंदगी मुश्किल
हिंदू महाजोट नेताओं ने कहा कि २०२४ के आंदोलन के बाद से यूनुस सरकार और मौजूदा बीएनपी सरकार के दौरान बांग्लादेश का हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। हिंदू समुदाय को लगभग हर दिन गंभीर घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
