-डीआरआई ने खोला चीन कनेक्शन बेंगलुरु का इम्पोर्टर गिरफ्तार
सामना संवाददाता / मुंबई
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंबई यूनिट ने एंटी-डंपिंग ड्यूटी चोरी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। डीआरआई ने बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी के २५ वर्षीय पार्टनर को गिरफ्तार किया है, जिस पर करीब ४.७७ करोड़ रुपए की ड्यूटी चोरी का आरोप है।
ट्राइक्लोरोआइसोसायन्यूरिक एसिड (टीसीसीए) जो पानी साफ करने में इस्तेमाल होता है। चीन से आने वाले टीसीसीए पर भारत सरकार ने मार्च २०२५ में भारी एंटी-डंपिंग ड्यूटी (एडीडी) लगा दी थी। ड्यूटी से बचने के लिए आरोपी ने चीन के बजाय माल मलेशिया का दिखा दिया। जांच में पता चला कि जिस मलेशियाई ़कंपनी से माल मंगाया जा रहा था, वो असल में टीसीसीए बनाती ही नहीं है। वो कंपनी तो लोहे के सामान की ट्रेडिंग करती है। मार्च २०२५ में एडीडी लगने से पहले उस कंपनी ने कभी भी किसी भारतीय इम्पोर्टर को टीसीसीए सप्लाई ही नहीं किया था। डीआरआई को शक है कि माल असल में चीन में ही बना था और सिर्फ कागजों पर उसे मलेशिया के रास्ते घुमाकर भारत लाया जा रहा था। डीआरआई ने कस्टम एक्ट के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है कि इस तरह और कितना माल भारत लाया गया है।
क्या है एंटी-डंपिंग ड्यूटी?
जब कोई देश अपनी चीजें लागत से भी कम दाम पर दूसरे देश में बेचकर वहां की लोकल इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचाता है, तो सरकार उस पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाती है। चीन के टीसीसीए पर २७६ से ९८६ डॉलर प्रति टन तक ड्यूटी लगी है।
