-सरकार को सीजेपी की दो टूक
-केंद्र पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार पर युवाओं से किए गए वादों से पीछे हटने का गंभीर आरोप लगाते हुए दोबारा देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी का कहना है कि २५ जुलाई के समझौते के भरोसे आंदोलन वापस लिया गया था, लेकिन अब सरकार उन वादों को पूरा करने में गंभीरता नहीं दिखा रही। सीजेपी के मुताबिक, आंदोलन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने तथा नीट विवाद में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा देने का भरोसा दिया गया था। पार्टी का दावा है कि इन दोनों मुद्दों पर अब तक कोई स्पष्ट लिखित आश्वासन नहीं मिला है।
सीजेपी नेताओं के अनुसार, १८ अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की पूरी सूची को लेकर सवाल उठे। पार्टी का आरोप है कि बार-बार मांग के बावजूद केंद्र सरकार ने सूची उपलब्ध कराने पर स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं दिखाई। सरकार के रुख से नाराज सीजेपी ने २४ अगस्त को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाई है। इसमें आगे की रणनीति पर पैâसला होगा। पार्टी ने संकेत दिया है कि मांगें पूरी नहीं हुर्इं तो शांतिपूर्ण देशव्यापी आंदोलन फिर शुरू किया जा सकता है। सीजेपी का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की पहली बड़ी सफलता था, लेकिन ‘लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई।’ पार्टी ने छात्रों और युवाओं से अगले पैâसले के लिए तैयार रहने की अपील की है।
