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महायुति में ‘फंड-फेवरेटिज्म’ पर संग्राम … बारामती को रु. १००, बाकी शहरों को सिर्फ रु.१०!

भाजपाई मंत्री का दादा पर हमला निधि बंटवारे पर महायुति में तनाव
सामना संवाददाता / मुंबई
‘महायुति’ सरकार के भीतर ‘फंड-फेवरेटिज्म’ के गंभीर आरोप लगने के बाद अब आंतरिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। यह संघर्ष तब और गहरा गया जब बुनियादी विकास कार्यों के लिए निधि के बंटवारे को लेकर दादा गुट और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी खटपट शुरू हो गई है। इस टकराव का केंद्र निधि वितरण का चौंकाने वाला अंतर बना, जहां अजीत पवार के निर्वाचन क्षेत्र बारामती को विकास कार्यों के लिए १०० रुपए आवंटित किए जा रहे हैं, वहीं राज्य के अन्य प्रमुख शहरों को प्रतीकात्मक रूप से सिर्फ १० रुपए ही मिल रहे हैं। इस अत्यधिक पक्षपातपूर्ण आवंटन से नाराज होकर भाजपा की महिला मंत्री ने सीधे तौर पर ‘दादा’ को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
राज्य में नगर परिषद चुनाव गरमा रहा है। इसी के साथ ही राज्य के प्रमुख नेताओं के भाषण भी अब और तीखे हो गए हैं। सोमवार को जिंतूर में उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की सभा में सत्तारूढ़ भाजपा पर जोरदार आलोचना हुई। साथ ही दादा ने वादा किया कि जिंतूर का विकास बारामती और पिंपरी-चिंचवड के स्तर पर करूंगा। इस बीच उन्होंने भाजप नेता और वैâबिनेट मंत्री मेघना बोर्डीकर पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यह विकास करना पागलों का काम नहीं है। उनके इस भाषण के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई और नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का नया दौर शुरू हो गया है।

वार पर पलटवार
दादा के बयान के कुछ घंटों बाद ही मेघना बोर्डीकर ने जोरदार पलटवार किया। बारामती के विकास के लिए मिलने वाले फंड और अन्य शहरों की स्थिति की तुलना करते हुए उन्होंने अजीत पवार से सीधा सवाल किया।

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