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सिंहस्थ से पहले घोटालास्थ…पहले ९०० करोड़ का क्लब गेम… अब सड़कों पर लूट का महामेला!

-६ करोड़ की सड़क का १२ करोड़ का एस्टिमेट

– नासिक मनपा ने की जनता के पैसों पर डकैती

-मंत्री महाजन ने भी जताया संदेह, जांच के दिए आदेश

सामना संवाददाता / मुंबई

नासिक मनपा और सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग पर करोड़ों की हेरा-फेरी के गंभीर आरोप लगे हैं। महायुति सरकार के राज में पहले ९०० करोड़ के क्लब टेंडर गेम से स्थानीय ठेकेदारों को बाहर किया गया और अब सड़कों पर लूट का महामेला शुरू हो गया है।
हैरानी की बात यह है कि छह करोड़ में बननेवाली सड़क का एस्टिमेट सीधे १२ करोड़ दिखाया गया। कुल मिलाकर यह कृत्य करते हुए जनता के टैक्स के पैसों की खुली लूट की गई है। घोटाले की बू इतनी तेज है कि खुद जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने भी संदेह जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। नासिक में वर्ष २०२७ में लगनेवाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले स्थानीय मनपा पर एक और बड़े घोटाले के आरोपों ने महायुति सरकार को हिला दिया है। पहले ९०० करोड़ रुपए के क्लब टेंडर से स्थानीय ठेकेदारों को बाहर करने का मामला उठा और अब सड़क निर्माण परियोजनाओं में दोगुना एस्टिमेट दिखाकर करोड़ों की डवैâती का खुलासा हुआ है।
घोटाले ने बढ़ाया महायुति सरकार के भीतर तनाव!
सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेताओं ने ९०० करोड़ रुपए के क्लब टेंडरिंग घोटाले पर मनपा और सार्वजनिक निर्माण विभाग पर गंभीर सवाल उठाए थे। अब सड़कों का मामला सामने आने से घोटाले की परतें और गहराने लगी हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मनपा पर नियंत्रण की लड़ाई में शिंदे गुट और भाजपा दोनों ही अधिकारियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। यही वजह है कि मनपा की सड़क परियोजनाओं के इस घोटाले ने महायुति सरकार के भीतर ही तनाव बढ़ा दिया है।
आरोप है कि २००० करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में लगभग सबके हाथ काले पाए गए। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच महज औपचारिकता होगी या फिर सचमुच करोड़ों की लूट का खुलासा सामने आएगा।

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