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‘बेस्ट’ को मिला नया महाप्रबंधक! …सरकार ने अचानक बदला निर्णय …आदित्य ठाकरे ने कसा तंज

सामना संवाददाता / मुंबई
आईएएस अधिकारी आशीष शर्मा को मंगलवार को बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) उपक्रम का नया महाप्रबंधक नियुक्त किया गया। सरकार ने पहले डॉ. अश्विनी जोशी को इस पद के लिए नामित किया था, लेकिन यह पैâसला कुछ ही देर बाद अचानक बदल दिया गया। शुरुआत में २००६ बैच की महाराष्ट्र वैâडर की आईएएस अधिकारी डॉ. जोशी को पूर्व महाप्रबंधक एस. वी. आर. श्रीनिवास के सेवानिवृत्त होने के बाद अतिरिक्त प्रभार के तहत यह जिम्मेदारी सौंपने की घोषणा की गई थी। हालांकि, यह निर्णय अचानक पलट दिया गया। इसे लेकर शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार पर तंज कसा है।
वर्तमान में महाराष्ट्र में जीएसटी आयुक्त के पद पर कार्यरत शर्मा अब राज्य सरकार द्वारा स्थाई नियुक्ति होने तक बेस्ट के महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। बेस्ट उपक्रम इस वर्ष की शुरुआत से ही पूर्णकालिक महाप्रबंधक के बिना कार्य कर रहा है। पूर्व पूर्णकालिक जीएम अनिल दिग्गीकर को पिछले वर्ष दिसंबर में कुर्ला बस दुर्घटना के बाद स्थानांतरित कर दिया गया था। तब से यह पद अस्थाई नियुक्तियों के भरोसे चल रहा है, जिसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। महाप्रबंधक के रूप में हर्षदीप कांबले की नियुक्ति के पहले आदेश को भी बिना किसी स्पष्टीकरण के वापस ले लिया गया था। इससे पहले फरवरी २०२५ में श्रीनिवास ने महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाला था।
‘सीएम और डीसीएम में समन्वय खत्म’
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व युवासेनाप्रमुख ने इस नियुक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, ‘तो अब राज्य सरकार जान बूझकर बेस्ट को खत्म कर रही है, लेकिन उससे भी बुरा यह है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शिंदे के बीच का समन्वय बिल्कुल खत्म हो चुका है।’ मुख्यमंत्री के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक नाम को प्रशासक नियुक्त करने का पैâसला किया, जबकि शिंदे के शहरी विकास विभाग ने किसी और को प्रशासक नियुक्त करने के आदेश जारी किए। क्या उपमुख्यमंत्री ने पहले मुख्यमंत्री से इस पर चर्चा नहीं की? इस अहंकार की लड़ाई में हमारा राज्य क्यों सफर करे? ऐसे लोग हमारे राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं। यह महाराष्ट्र की अब तक की सबसे भ्रष्ट और अयोग्य सरकार है।

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