सामना संवाददाता / मुंबई
भिवंडी में गोदामों में आग लगने और औद्योगिक दुर्घटनाओं में वृद्धि के बावजूद बीएनसीएमसी अग्निशमन विभाग अपनी स्वीकृत संख्या से बमुश्किल एक-तिहाई के साथ काम कर रहा है। आधुनिक इंजन, बचाव वैन और उन्नत उपकरण संसाधनों की कमी के कारण नहीं, बल्कि उन्हें चलाने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मियों की कमी के कारण बेकार पड़े हैं। लाखों निवासियों सहित ५०,००० से ज्यादा गोदामों की सुरक्षा अब खतरे में है।
कर्मचारियों की कमी से दबाव
भिवंडी-निजामपुर नगर निगम का अग्निशमन विभाग, जो शहर की प्राथमिक आपातकालीन प्रतिक्रिया इकाई है, कर्मचारियों की भारी कमी के कारण भारी दबाव में है। पिछले कुछ वर्षों में विभाग को नई दमकल गाड़ियां, बचाव वाहन और आधुनिक उपकरण मिले हैं। लेकिन इसकी अग्निशमन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है क्योंकि महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं और लगभग एक दशक से भर्ती प्रक्रिया ठप है। भिवंडी शहर में १२ लाख से ज्यादा लोग रहते हैं, जबकि आसपास के ग्रामीण इलाकों में ४ लाख लोग रहते हैं। इतनी बड़ी आबादी और विशाल, उच्च जोखिम वाले गोदाम क्षेत्र के बावजूद, आग और औद्योगिक दुर्घटनाओं से निपटने की जिम्मेदारी पूरी तरह से बीएनसीएमसी अग्निशमन विभाग पर है। वर्षों से रुकी हुई भर्ती के कारण बल को आवश्यक संख्या से कम संख्या पर काम करना पड़ रहा है।
१६० पद स्वीकृत, केवल ४९ भरे गए
आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि स्वीकृत १६० पदों में से वर्तमान में केवल ४९ ही भरे गए हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी और उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहित प्रमुख नेतृत्व के पद रिक्त हैं, जिससे प्रभारी अधिकारियों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। तात्कालिक कमी को पूरा करने के लिए बीएनसीएमसी को अग्निशमन वाहनों को चलाने के लिए वाहन विभाग के ड्राइवरों को भी काम पर रखना पड़ता है, जिसे अग्निशमनकर्मी असुरक्षित और असंवहनीय मानते हैं।
प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी
बीएनसीएमसी अग्निशमन विभाग के पास ३२ आपातकालीन वाहनों का एक बड़ा बेड़ा है, जिसमें अग्निशमन इंजन, बहुउद्देशीय इंजन, जल ब्राउजर, मिनी-टेंडर, बचाव वैन और अग्निशमन बाइक शामिल हैं। हालांकि, प्रशिक्षित ऑपरेटरों की कमी के कारण इनमें से कई वाहन बेकार पड़े हैं। संकरी और भीड़भाड़ वाली गलियों में चलने के लिए विशेष रूप से खरीदी गई अग्निशमन बाइकें एक साल से भी ज्यादा समय से तैनात नहीं की गई हैं।
