मुख्यपृष्ठस्तंभभोजपुरिया व्यंग्य : उड़नखटोला से गऊवां में चोर आवत बाड़े

भोजपुरिया व्यंग्य : उड़नखटोला से गऊवां में चोर आवत बाड़े

प्रभुनाथ शुक्ल, भदोही

हमरा यूपी में दिन के चैन अउरी रात के नींद उड़ गईल बा। ससुरा, गाँव में आजकाल नयका मेहमान आइल बा ड्रोन! बाबा के राज मा ड्रोन से चोरी हो रहल बा। बेचारी पुलिस अउरी गाँव बाले रतिया भर लिहो-लिहो करत बाड़े। मुंबई के जिनगी भर क कमाई चोरए ताला तोड़ के सफा कर देत बाड़े। उ अइसन सफाई करत बाड़े की दिवाली में झाड़ू-पोछा के जरूरत नइखे पड़ी।
हँ, ऊहे उड़न खटोला, जेकरा के अबहीं तक त लोग देखल नइखे, बाकि ओकर अफवाह पूरा टोला-टोला में गूँज रहल बा। केहू कहता ड्रोन आयल, गेहूँ, धान के नापि के उड़ गइल। दोसर कहत बा ड्रोन बखरी से बकरा उठा ले गइल। तिसरका दावा करत बा कि ड्रोन हीं रात में मुर्गी आ मोबाइल साफ कइ दिहलेश। बड़ा जुलुम होई गवा बा। डर के मारे लोगवा हिताई-नताई में नइखे जा पावत बा।
रात होत हीं गाँव में महायुद्ध शुरू हो जाला। मेहरारू लोग टुनटुनिया आ थाली बजा-बजा के सबके जगा देला। मर्द लाठी-डंडा लेके आकाश तरफ ताकेला। जइसे अर्जुन बनके बाण छोड़िहें। बुड़बक बाबा कहेला हमरा बेरा चोर पाँव से आवत रहे, अब त उड़नचोर आ गइल बा। बच्चा लोग पढ़ाई-लिखाई छोड़के ड्रोन खोज अभियान चला देले बा। रतिया चुप्पी जहाज के लालबत्ती दिखेला पे लोगवा ड्रोन के हल्ला मचावत बा। ई समझ में नइखे आवत बा कि ड्रोन वाले चोर कहवा से आइल बाड़े। बाबा के पुलिस भी नदी-नार, खेत-सिवान खोज के परेशान बा। अउरी खुरापाती खिलौना ड्रोन उड़ाय के लोगवा के नींद हराम कइले बाड़े।
पुलिस कहेला कि ई सब अफवाह ह। थानेदार जी त गरजत-गरजत बोललें ड्रोन कवनो चोरी नइखे करत, सब लोग चैन से सूत जाव। बाकि गाँववाला पूछेला साहेब, जदि अफवाह बा त हमार चारपाई से मोबाइल आ मुर्गी कहाँ उड़ गइल? चोरियन के बाढ़ से लोगन के नींद त पहिले से उड़ल बा, अब ड्रोन चोरवन के अफवाह आ गइल त हालत अउरी खराब हो गइल बा।
गाँव में अब नींदा से बेसी पहरा हो रहल बा। केहू आकाश ताकत बा, केहू खेत घूमत बा। ड्रोन आज तक नइखे धइल गइल, बाकि सुन-सुन के सब थक गइल बा। ठीक ऊहे जइसे चुनाव से पहिले विकास सुनाई देला, बाकि देखाई कबहुँ नइखे देला। मुंह अंधियारे मुनेसरा काकी हर रोज एगो नई-नई अफवाह सुनावे पंहुच जाली। कुल मिलाके, चोर अउरी चोरी बढ़ल बा, अफवाह अउरी तेज उडल बा। ड्रोन चोरन के पकड़ई खातिर बाबा के पुलिस परेशान बा। एहीं अफवाह में निर्दोष लोग भी भीड़ के निशाना बनत बाड़े। पुलिस त अफवाह बतावत बा, बाकि गाँववाला कहत बा अब हम रातभर जागब, चाहे चोर आवे चाहे अफवाह।

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