सामना संवाददाता / मुंबई
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक और खुले बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। केंद्रीय मंत्री और बड़े राजनेता होने के बावजूद वे राजनीति की गलतियों पर सीधी टिप्पणी करने से नहीं कतराते। कई बार उनका निशाना प्रशासन की दफ्तरशाही पर भी होता है। कभी वे अपने ही विभाग के अधिकारियों की खिंचाई करते हैं तो कभी अपने ही क्षेत्र के नेताओं को फटकार लगाते हैं। अब एक बार फिर उन्होंने अच्छा नेता कौन होता है? इस पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो जनता को सबसे ज्यादा मूर्ख बना सकता है, वही सबसे अच्छा नेता बन सकता है। उनका यह बयान सीधे मोदी सरकार के नेताओं पर आंका जा रहा है।
नागपुर में आयोजित अखिल भारतीय महानुभाव पंथों के सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने राजनीति और अन्य विषयों पर अपनी भूमिका रखी। सम्मेलन में मौजूद संत-महंतों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि सरकार से दूर रहिए। चाहे किसी भी दल की सरकार हो। आप बार-बार सरकार से मांगें करते रहते हैं। किसी भी दल की सरकार हो, मंत्रियों के गले में माला डालकर काम निकलवाते रहिए। लेकिन अपने पंथ और संप्रदाय में मंत्रियों को प्रवेश मत दीजिए। उन्हें इससे दूर रखिए। उन्होंने आगे कहा कि राजनीति, समाजकारण और विकासकारण अलग बातें हैं। आप धर्मकारण में हैं। धर्मकारण और समाजकारण को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए, क्योंकि हम राजनीति के लोग थोड़ा अलग होते हैं।
नितिन गडकरी ने आगे कहा कि मैं जिस क्षेत्र में काम करता हूं, वहां दिल से सच्ची बात कहने की मनाही है। वहां ऐसे, वैसे और फर्जी बातें होती हैं। जो जनता को सबसे ज्यादा मूर्ख बना सकता है, वही सबसे अच्छा नेता हो सकता है।
