-२ करोड़ नाम हटाए गए, वैसे ही २ करोड़ फर्जी नाम वोटर लिस्ट में डाले भी जा सकते हैं, सावधान रहें!
-जल्द ही होगा शिवसेना के नाम का दुुरुपयोग करने वालों का पैâसला
सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने एसआईआर अभियान के तहत वोटर लिस्ट से दो करोड़ नाम हटाए जाने पर आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे जरूर कोई गड़बड़ी या साजिश है। साथ ही चेतावनी दी कि जैसे दो करोड़ नाम हटाए गए हैं, वैसे ही दो करोड़ फर्जी नाम वोटर लिस्ट में शामिल भी किए जा सकते हैं। इसलिए शिवसैनिक सतर्क और सावधान रहें।
बीड विधानसभा क्षेत्र के शिवसेना के २५० बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) ने आज शिवसेना भवन में उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। उन्हें संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने यह बात कही। इस दौरान शिवसेना नेता व सांसद अरविंद सावंत, शिवसेना नेता व विधायक अंबादास दानवे, उपनेता रवींद्र मिर्लेकर, दत्ता गायकवाड़, बीड जिलाध्यक्ष गणेश वरेकर, संपर्क प्रमुख मुजीब शेख आदि मौजूद थे।
हर मतदाता को व्यक्तिगत रूप से पहचानें
उद्धव ठाकरे ने इस दौरान बीजेपी और महायुति पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी तरह सत्ता हासिल करने के लिए बेहद निचले स्तर पर जाकर चुनावी हथकंडे अपना रही है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए और अब महाराष्ट्र में दो करोड़ नाम हटा दिए गए हैं।
पूरे राज्य के शिवसैनिकों का बीमा कराया जाएगा
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने याद दिलाया कि फर्जी वोटरों के पंजीकरण के खिलाफ सबसे पहले निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर ने आवाज उठाई थी। उन्होंने उजागर किया था कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के बाद महज छह महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव तक ४५ लाख अतिरिक्त वोटर दर्ज किए गए थे। अब दो करोड़ नाम हटा दिए गए हैं।
उद्धव ठाकरे ने बीएलए कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि बीजेपी इन नामों की जगह फर्जी वोटर न घुसा सके, इसके लिए उन्हें अपने क्षेत्र के हर मतदाता को नाम और चेहरे से पहचानना होगा। उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाया कि एसआईआर अभियान में हटाए गए वोटर कौन हैं, किनके नाम काटे गए हैं और अब उनकी जगह किन नए लोगों को शामिल किया जा रहा है? उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि खारघर में एसआईआर के फर्जी फॉर्म की फोटोकॉपी करते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं को रंगे हाथों पकड़ा गया था। वहीं नागपुर के विधायक निवास में भी बीजेपी के जिम्मेदार नेताओं के नाम पर कमरे बुक कर इसी तरह लोगों से फॉर्म भरवाए जा रहे थे। उद्धव ठाकरे के मुताबिक, इन दोनों मामलों का पर्दाफाश शिवसैनिकों और युवा सैनिकों ने ही किया था।
बीड के शिवसैनिकों और बीएलए कार्यकर्ताओं के लिए शुरू की गई बीमा योजना ‘शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ के नाम से ही दी जाएगी। इसी का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे गुट पर हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शिवसेना के नाम का दुरुपयोग करने वाले कई लोग हैं। शिवसेना उनसे निपट रही है और उनका फैसला भी जल्द ही होगा, इसका उन्हें पूरा यकीन है।
बीड जिले की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने बीजेपी के साथ तत्कालीन गठबंधन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता दिवंगत गोपीनाथ मुंडे के साथ ठाकरे परिवार और शिवसेना के बेहद करीबी पारिवारिक संबंध थे। उस समय का गठबंधन आज की तरह कपटी या धोखेबाज नहीं था। मुंडे के प्रति सम्मान और प्यार के कारण शिवसेना बीड जिले की सीटें बीजेपी के लिए छोड़ती चली गई, जिससे वहां शिवसेना का जनाधार कम होता गया। लेकिन अब बीड जिले में एक बार फिर भगवा फहराने का मौका आया है और उन्हें पूरा भरोसा है कि बीड फिर से भगवामय होगा।
शिवसेना को जनता की सेवा के लिए सत्ता चाहिए
उद्धव ठाकरे ने साफ किया कि शिवसेना को जनता की प्रभावी सेवा करने के लिए सत्ता चाहिए। संत गाडगेबाबा की दशसूत्री के अनुसार, भोजन, कपड़ा, मकान, पानी और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतें आम जनता को मुहैया कराने का अधिकार मिले, इसीलिए शिवसेना सत्ता चाहती है।
१७ सितंबर को छत्रपति संभाजीनगर में मिलेंगे
उद्धव ठाकरे ने बताया कि आगामी १७ सितंबर को मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के मौके पर वे छत्रपति संभाजीनगर आ रहे हैं और वहां के आंदोलन में हिस्सा लेंगे। इसके बाद दशहरा रैली के अवसर पर हमेशा की तरह शिवाजी पार्क में फिर से सभी एकजुट होंगे।
