मुख्यपृष्ठनए समाचारसीधा सवाल : करोड़ों का खेल, जनता की जान से खिलवाड़

सीधा सवाल : करोड़ों का खेल, जनता की जान से खिलवाड़

-पहले लता मंगेशकर नाट्यगृह और अब अप्पासाहेब धर्माधिकारी हॉल की दुरावस्था आई सामने; क्या थर्ड पार्टी ऑडिट और वार्षिक रख-रखाव अनुबंध सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?

सुरेश गोलानी

मीरा भायंदर मनपा के लोक निर्माण विभाग और ठेकेदारों के बीच कथित वित्तीय सांठगांठ का खामियाजा अब शहर के प्रतिष्ठित सार्वजनिक स्थलों को भुगतना पड़ रहा है। पहले करोड़ों रुपए की लागत से काशीमीरा में निर्मित भारतरत्न लता मंगेशकर नाट्यगृह के सेंट्रलाइज्ड वातानुकूलित (एसी) सिस्टम में गैस लीक और अब मीरा रोड स्थित पद्मभूषण डॉ. अप्पासाहेब धर्माधिकारी सभागृह में हल्की बारिश के दौरान भी छतों से झरने की तरह टपकता पानी। इन दोनों मामलों ने घटिया निर्माणकार्य, कागजी वार्षिक रख-रखाव अनुबंध और थर्ड पार्टी ऑडिट की पोल खोल कर रख दी है।
करोड़ों रुपए फूंकने के बाद भी नाट्यगृह के वातानुकूलित ऑडिटोरियम के सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम में गैस लीकेज होने के कारण बंद पड़ने की वजह से कई कार्यक्रम रद्द करने पड़े हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में लोगों को दम घुटने की समस्या का भी सामना करना पड़ा है। वहीं पद्मभूषण डॉ. अप्पासाहेब धर्माधिकारी सभागृह के हॉल की छतों से आसान व्यवस्था पर टपकता पानी नागरिकों के लिए बड़ी असुविधा का कारण बना हुआ है। फर्श पर पैâले पानी की वजह से यहां आने वाले बुजुर्गों और बच्चों के फिसलकर गिरने का डर भी लगातार बना रहता है। असल में इन कार्यों का अगर ईमानदारी से ऑडिट किया जाए तो कई ठेकेदारों पर जुर्माना या ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई हो सकती है, लेकिन कागजी ऑडिट से घोटाला छिपाया जा रहा है। कुल मिलाकर, रखरखाव और ऑडिट जैसे सुरक्षा कवच कागज पर चल रहे हैं, जबकि जनता को असुविधा और खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

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