मुख्यपृष्ठस्तंभमिलावटखोरों पर पूरे साल एफडीए की नजर...त्योहारों में होगी धरपकड़!

मिलावटखोरों पर पूरे साल एफडीए की नजर…त्योहारों में होगी धरपकड़!

-मिठाई-दूध-तेल से लेकर सामूहिक भोज भी जांच के दायरे में

जेदवी / मुंबई

त्योहारों की आड़ में खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों की अब खैर नहीं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पहली बार पूरे वर्ष के लिए स्थायी फूड सेफ्टी कैलेंडर जारी किया है। अब त्योहार आते ही अलग-अलग आदेश जारी करने के बजाय जोखिम के आधार पर पहले से तय योजना के तहत खाद्य पदार्थों की जांच और मिलावटखोरों पर कार्रवाई की जाएगी।
एफडीए ने गणेशोत्सव, नवरात्रि, दिवाली, ईद, क्रिसमस और नववर्ष जैसे प्रमुख त्योहारों को तीन स्तरों में बांटा है। संबंधित त्योहार से १५ से २१ दिन पहले ही संभावित मिलावट वाले क्षेत्रों, दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की पहचान कर नमूने लेने शुरू किए जाएंगे। जांच का दायरा दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा। उत्पादन केंद्रों, गोदामों और खाद्य पदार्थों की परिवहन व्यवस्था भी जांच के घेरे में होगी।
त्योहारों के दौरान मिठाई की दुकानें, होटल-रेस्तरां, दूध-डेयरी, खोया, खाद्य तेल, मांस, सूखे मेवे और बेकरी उत्पादों पर विशेष निगरानी रहेगी। महाशिवरात्रि और नवरात्रि में सामा, राजगिरा जैसे उपवास के खाद्य पदार्थ भी एफडीए के रडार पर होंगे। तले हुए तेल में २५ प्रतिशत से अधिक टीपीसी पाए जाने पर उसे मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त माना जाएगा।
भंडारा भी एफडीए की नजर में
महाप्रसाद, इफ्तार, लंगर, भंडारा और शादी जैसे सामूहिक भोज भी अब खाद्य सुरक्षा नियमों के दायरे में रहेंगे। आयोजन से कम से कम ७ दिन पहले स्थानीय एफडीए अधिकारियों को सूचना देकर आवश्यक पंजीकरण या अस्थायी लाइसेंस लेना होगा। खाना बनाने और परोसने वाले स्वयंसेवकों के लिए मास्क, दस्ताने और टोपी जरूरी होंगे। भोजन के लिए सुरक्षित पानी और फूड-ग्रेड बर्तनों का इस्तेमाल करना होगा।
लाइसेंस-क्यूआर कोड अनिवार्य
खाद्य प्रतिष्ठानों को लाइसेंस और क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। २५ या उससे अधिक खाद्य कर्मियों वाले प्रतिष्ठानों में एफओएसटीएसी प्रमाणित खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक रखना होगा। नियमों की अनदेखी या मिलावट की शिकायत पर नागरिक एफडीए पोर्टल और हेल्पलाइन का सहारा ले सकेंगे। यानी त्योहारों की आड़ में लोगों की थाली में जहर परोसने वालों पर अब सालभर एफडीए की नजर रहेगी।

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