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उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के पास बहुमत नहीं!..संजय राऊत ने खोली ‘एनडीए’ की पोल

-कल संसद में ‘इंडिया’ का हुआ मॉक पोल

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

आज उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद के दोनों सदनों के सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं, वहीं एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है। चुनाव से पहले कल ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से एक मॉक पोल का आयोजन किया गया था। इसके बाद शिवसेना सांसद संजय राऊत ने ‘एनडीए’ की पोल खोलते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के पास बहुमत लायक नंबर नहीं है।
इस अवसर पर शिवसेना सांसद ने कहा कि जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी के समर्थन में सत्ता पक्ष के लोगों को भी वोटिंग करनी चाहिए। उनके विस्तृत अनुभव का फायदा संसद और देश को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सांसदों को अपनी अंतरात्मा के आधार पर मतदान करना चाहिए। बता दें कि कल के मॉक पोल में सभी सांसदों को शामिल होने का निर्देश दिया गया था। शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि एनडीए के लिए भी मॉक पोल हुआ था, जिसमें खुद पीएम भी बैठे नजर आए थे। उन्होंने कहा, ‘देश के सभी सांसदों के लिए मॉक पोल का आयोजन जरूरी होता है। उपराष्ट्रपति का पद संवैधानिक होता है और एक जरूरी बात है कि भाजपा के पास पर्याप्त बहुमत नहीं है। हम सबसे अपील करना चाहते हैं कि भाजपा के पास बहुमत नहीं है। हमारे उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का और हमारा आह्वान है कि सभी सांसद अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करें। यह मतदान राष्ट्रहित के लिए होना चाहिए, संविधान बचाने के लिए होना चाहिए। देश और हमारी अंतरात्मा की आवाज को सुनकर हमारे सांसदों को मतदान करना चाहिए।’
‘पूर्व उपराष्ट्रपति आज भी गायब’
उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ आज भी गायब हैं। ये बताता है कि लोकतंत्र में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, जो अपनी रीढ़ की हड्डी दिखाएगा, इसको गायब किया जाएगा तो आने वाले उपराष्ट्रपति पद को भी सावधान रहना चाहिए।
३७ सांसद बिगाड़ सकते हैं एनडीए का गणित
राजनीतिक गलियारे में इस बात की जोरदार चर्चा है कि आज के चुनाव में ३७ सांसद एनडीए का गणित बिगाड़ सकते हैं। इनमें मोदी सरकार से नाराज भाजपा के भी कुछ सांसदों के क्रॉस वोटिंग करने की संभावना है। इसके अलावा तेलुगू अस्मिता के नाम पर टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस और जनसेना के सांसदों का रुख भी पलट सकता है।

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