मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिटीएमयू 12बी की मान्यता में यूपी की उत्कृष्ट छह यूनिवर्सिटीज में शामिल

टीएमयू 12बी की मान्यता में यूपी की उत्कृष्ट छह यूनिवर्सिटीज में शामिल

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद ने एक बार फिर स्वयं को एक उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान साबित कर दिखाया है। टीएमयू, यूपी की प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ में यूजीसी के सख्त मानकों पर खरी उतरी है। नैक की तरह यूजीसी से 12बी की मान्यता किसी भी यूनिवर्सिटी के लिए कठोरतम परीक्षा से कम नहीं होती। यूजीसी ने हाल ही में स्वीकार किया है कि यूपी की 53 प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी समेत केवल छह यूनिवर्सिटीज़ के पास ही 12बी की मान्यता है।
किसी भी उच्च शैक्षणिक संस्थान को यह मान्यता मिलने से पूर्व यूजीसी अधिनियम की धारा 2(एफ) के तहत मान्यता प्राप्त होनी चाहिए। इसकी कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही 12बी की मान्यता के लिए मार्ग प्रशस्त होता है। दरअसल, 12बी किसी भी यूनिवर्सिटी के लिए एक तरह का स्टेटस होता है। 12बी की मान्यता मिलने के बाद केंद्रीय वित्तीय अनुदान का रास्ता साफ हो जाता है। शोध परियोजनाओं, केंद्रीय प्रोजेक्ट्स और केंद्रीय अनुदान का सीधा लाभ छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए मिलता है। यह मान्यता प्रत्यायन और रैंकिंग प्रक्रियाओं में प्रदर्शन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
टीएमयू को 2021 में 12बी की मान्यता मिली थी। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने कहा था, “हमारी यूनिवर्सिटी को 12बी का दर्जा मिलना बड़े सपनों के साकार होने जैसा है।” टीएमयू के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन कहते हैं कि कुलाधिपति श्री सुरेश जैन और जीवीसी श्री मनीष जैन की दूरदृष्टि, डायनामिक लीडरशिप, उच्च स्तरीय शोध तथा स्टार्टअप्स के प्रति समर्पण का ही प्रतिफल 12बी है।
उत्तर प्रदेश की शेष यूनिवर्सिटीज़ ने तो इस दर्जे के लिए आवेदन तक नहीं किया है। अलबत्ता, 12बी के लिए सात यूनिवर्सिटीज़ के आवेदन वर्तमान में यूजीसी के पास लंबित हैं। इस दर्जे के बिना कोई भी यूनिवर्सिटी अनुसंधान परियोजनाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, छात्रावासों और अन्य विकास गतिविधियों के लिए केंद्रीय सहायता प्राप्त नहीं कर सकती है।
उच्च शिक्षा के विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मान्यता छात्रों और शिक्षकों, दोनों के लिए वरदान सरीखी है। किसी भी यूनिवर्सिटी को यूजीसी अधिनियम की धारा 2(एफ) के तहत मान्यता मिलने के बाद पर्याप्त शैक्षणिक अवसंरचना, योग्य संकाय, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय और अन्य सुविधाएँ प्रदर्शित करनी होती हैं। अंतिम निर्णय लेने से पहले यूजीसी की ओर से नियुक्त एक विशेषज्ञ समिति परिसर का निरीक्षण करती है। यदि यूनिवर्सिटी यूजीसी के मानकों पर खरी उतरती है, तो उसे 12बी का दर्जा दे दिया जाता है।
उल्लेखनीय है कि यूपी की इन 53 प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ में करीब 2.9 लाख छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2008 में जैन अल्पसंख्यक श्रेणी के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्थापित टीएमयू में देश के लगभग सभी राज्यों से छात्र अध्ययनरत हैं। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर वैश्विक उच्च शिक्षण संस्थानों के मानिंद है। टीएमयू की फैकल्टी और गेस्ट फैकल्टी उच्च शिक्षित और अनुभवी हैं।

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