तमाशबीन बनी रही बदलापुर की पुलिस!
डॉ मंगलेश्वर त्रिपाठी
जौनपुर । बदलापुर थाना क्षेत्र में भाजपा के मंडल अध्यक्ष की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है. पुलिस टीम के साथ विवादित जमीन की नाप करके लौटते समय भाजपा के मंडल अध्यक्ष ने पुलिस की गाड़ी रोककर उसमें बैठे राजस्वकर्मी को बाहर खींच कर साथ बदसलूकी और मारपीट की गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद से लोग आरोपी मंडल अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मामला बदलापुर तहसील क्षेत्र के नेवादा मुरीदपुर गांव का है। जानकारी के अनुसार गांव में ग्राम प्रधान द्वारा रास्ते पर खंडजा लगवाया जा रहा था, जिसका एक पक्ष विरोध कर रहा था। सूचना पर पुलिस और राजस्व टीम गांव में पहुंची थी। आरोप है कि पैमाईश करके लौटते समय बीजेपी के मंडल अध्यक्ष सजीव शुक्ला ने पुलिस की गाड़ी रोक ली। इसके बाद गाड़ी में पुलिस कर्मियों के साथ बैठे राजस्व कर्मी को पुलिस की गाड़ी से बाहर खींच लिया और गाली देते हुए उसकी पिटाई की। इस दौरान आरोपी सजीव शुक्ला ने राजस्व कर्मी को थप्पड़ भी मारे और उसके साथ गाली गलौच भी किया। हालांकि, इसके बाद पुलिस किसी तरह से राजस्वकर्मी को बचाकर अपने साथ किसी तरह वहां से थाने ले गई।
पुलिस की गाड़ी रोक राजस्वकर्मी पर हमला
आरोपी मंडल अध्यक्ष द्वारा बेखौफ होकर पुलिस की गाड़ी रोकने के बाद जब गाली गलौच की जाने लगी तो पुलिस टीम के साथ मौजूद महिला कांस्टेबल ड्राइवर से गाड़ी थाने ले चलने की बात कहते हुए कहा कि थाने आकर बात करिए। बावजूद इसके मंडल अध्यक्ष ने आवेशित होकर पुलिस गाड़ी का गेट खोलकर राजस्व कर्मी को खींचने की कोशिश करने लगा, तो इस पर महिला कांस्टेबल चिल्लाने लगी। वह वीडियो में बोल रही है कि सर जी गाड़ी चलाइए। चलिए ना ये क्या तरीका है। हालांकि, महिला कांस्टेबल ने इस दौरान खुद अपने फोन से मंडल अध्यक्ष की करतूतों का वीडियो भी बनाया।
लोगों ने की कार्रवाई की मांग
लोगों का कहना है कि सुशासन के दावे करने वाली सरकार में अब उनके ही पार्टी से जुड़े लोग राजस्व और पुलिसकर्मियों के साथ ऐसी अराजकता कर रहे हैं। उन्हें कानून का कोई भय नहीं है। हालांकि वीडियो सामने आने के बाद लोग आरोपी मंडल अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, जौनपुर पुलिस ने बताया कि वीडियो के आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि जब वीडियो में मारपीट करते हुए सीधे तौर पर दिखाई दे रहा है तो जांच की क्या जरूरत है।
