-एमपी के सरकारी स्कूल में रद्दी पेपर पर परोसा जा रहा मिड डे मील
सामना संवाददाता/ भोपाल
देश में बच्चों को स्कूलों में मिड-डे मील योजना इसलिए शुरू की गई थी ताकि कोई बच्चा भूखा न रहे, लेकिन जब इस योजना में ही लापरवाही और अमानवीयता दिखे तो दिल दुख जाता है। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से एक ऐसी ही शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा है कि यहां सरकारी स्कूल में बच्चों को थाली या पत्तल नहीं, बल्कि कागज के फटे टुकड़ों पर खाना परोसा गया। छोटे-छोटे बच्चे जमीन पर बैठकर चावल और सब्जी खा रहे थे और शिक्षक पास खड़े तमाशबीन बने रहे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे भाजपा सरकार का छलावा विकास बताया है। और कहा है कि शर्म आनी चाहिए ऐसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को जो देश के बच्चों, भारत के भविष्य का इस दुर्दशा से पालन-पोषण कर रहे हैं।
यह घटना श्योपुर जिले के विजयपुर इलाके के शासकीय मिडिल स्कूल हुल्लपुर की है। यहां बच्चों को रोजाना की तरह मिड-डे मील दिया जा रहा था, लेकिन जिस तरह से दिया गया। उसने सबको हैरान कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चों के सामने थालियां या प्लेट नहीं हैं। उन्हें रद्दी कॉपी के कागजों के टुकड़ों पर ही चावल-सब्जी परोस दी गई। स्कूल परिसर में बच्चे जमीन पर बैठे हैं, उनके सामने बस मिट्टी और कागज है और वहीं से वे अपने हिस्से का खाना खा रहें। इस दौरान स्कूल के शिक्षक और जिम्मेदार लोग वहीं मौजूद थे, लेकिन किसी ने इस स्थिति को रोकने या सुधारने की कोशिश नहीं की। ऐसा लग रहा था मानो यह सब रोज की बात हो।
`दृश्य देखकर दिल टूट गया’
`जब से ये खबर देखी है कि वहां बच्चों को मिड-डे मील अखबार पर परोसा जा रहा है, दिल टूट सा गया है। ये वही मासूम बच्चे हैं जिनके सपनों पर देश का भविष्य टिका है और उन्हें इज्जत की थाली तक नसीब नहीं। २० साल से यहां ज्यादा की भाजपा सरकार और बच्चों की थाली तक चुरा ली गई। शर्म आनी चाहिए ऐसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को जो देश के बच्चों, भारत के भविष्य का इस दुर्दशा से पालन-पोषण कर रहे हैं।
