मुख्यपृष्ठनए समाचारमहायुति राज में ‘खून-खराबा’! ... शहरों के ब्लड बैंकों में बर्बाद हो रहा...

महायुति राज में ‘खून-खराबा’! … शहरों के ब्लड बैंकों में बर्बाद हो रहा है रक्त

– दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी किल्लत

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
महायुति राज में ‘खून-खराबा’ का एक नया मामला देखने में आ रहा है। यह मामला मारपीट में नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य तंत्र की विषमताओं में देखने को मिल रहा है। आलम यह है कि राज्य के कई शहरों के ब्लड बैंकों में जरूरत से ज्यादा मात्रा में होने से खून बर्बाद (खराब) हो रहा है। दूसरी ओर दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों का हाल यह है कि वहां एक-एक बूंद खून के लिए मरीजों के परिजन हाथ-पांव मार रहे हैं और भारी किल्लत के चलते अनमोल जिंदगियां दांव पर लग रही हैं।

अतिरिक्त रक्त संभालने में फेल
यह स्थिति उस वक्त और भयावह हो रही है जब सर्जरी, प्रसूति या आपातकालीन रक्त की तुरंत आवश्यकता होती है। फिलहाल, राज्य रक्त संक्रमण परिषद की लगातार चेतावनियों के बावजूद कई ब्लड बैंक अतिरिक्त रक्त को संभालने में फेल रहे हैं, जिससे बर्बादी बढ़ी और जरूरतमंद जिलों में कमी बढ़ी।

रक्त की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं मरीज!
कई जिलों के ब्लड बैंक सूने पड़े हैं

राज्यभर के ब्लड बैंकों में खून का असंतुलन खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। एक ओर कुछ जिलों में ब्लड बैंकों के फ्रिजों में खून की बर्बादी तक की नौबत आ गई है तो दूसरी ओर कई जिलों के ब्लड बैंक सूने पड़े हैं। इसी के साथ ही अस्पतालों में मरीज खून की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। फिलहाल, रक्त संकलन और वितरण की इस अराजक व्यवस्था पर अब राज्य रक्त संक्रमण परिषद ने सख्त रुख अपनाया है। इसके तहत अतिरिक्त खून जमा करने वाले ब्लड बैंकों को वंचित जिलों में रक्त आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ ही तय प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। खून की बर्बादी रोकने और जरूरतमंदों तक समय पर रक्त पहुंचाने के लिए अब परिषद ने अल्टीमेटम जारी किया है।
त्योहारों में बढ़ा संकलन
स्वतंत्रता दिवस, गणेशोत्सव, पीएम मोदी के जन्मोत्सव पखवाड़ा, नवरात्रोत्सव जैसे त्योहारों और उत्सवों की पृष्ठभूमि में राज्यभर में बड़े पैमाने पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया है। इस दौरान आवश्यकता से अधिक रक्त एकत्रित हो जाने और कुछ रक्त की वैधता समाप्त होने के कारण राज्य रक्त संक्रमण परिषद ने विशेष कदम उठाया है।
एक्सपायरी डेट करीब
वर्तमान में पंढरपुर बजाज ब्लड सेंटर के पास कुल ३० पीसीवी यूनिट्स का भंडार है। उसकी एक्सपायरी डेट १२ और १६ अक्टूबर २०२५ है। इसी तरह पुणे और नारायणगांव के रक्त केंद्रों ने भी अपने अतिरिक्त भंडार की जानकारी परिषद के साथ साझा की है। पुणे केंद्र के पास बी पॉजिटिव २३ और ओ पॉजिटिव ११ यूनिट्स १२ अक्टूबर तक वैध हैं, जबकि नारायणगांव केंद्र के पास ए पॉजिटिव ११, बी पॉजिटिव ९, ओ पॉजिटिव २० और एबी पॉजिटिव ९ यूनिट्स १५ और १६ अक्टूबर तक वैध हैं।

 

अन्य समाचार