-कागजों पर ही है नालों की सफाई
-हकीकत में जगह-जगह अटे पड़े हैं नाले
द्रुप्ति झा / मुंबई
मुंबई में हर साल मानसून के दौरान होने वाले जलजमाव से निपटने के लिए मनपा हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर नालों की सफाई का दावा करती है लेकिन हकीकत में शहर के नाले जगह-जगह कचरे से अटे-पड़े नजर आते हैं इसलिए इस साल भी मुंबई में मानसून से पहले नालों की सफाई को लेकर सियासत गरमा गई है। ३१ मई २०२६ तक नाले सफाई का काम पूरा होना था लेकिन नाले सफाई का काम धीमा होने की वजह से ३१ मई से बढ़ाकर समय पांच जून किया गया। उसके बावजूद काम अभी अधूरा है।
प्रशासन के इन दावों को जमीन पर झूठा साबित करने के लिए मोर्चा खोल दिया गया है। चांदीवली इलाके में नालों की अधूरी सफाई से नाराज विपक्ष के महेंद्र भानुशाली ने सीधे नाले के अंदर उतरकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। महेंद्र भानुशाली ने मनपा प्रशासन और मुंबई के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नाले में खड़े होकर प्रदर्शन करते हुए भानुशाली ने कहा, मुंबई में अभी तक नालों की सफाई का काम पूरा नहीं हुआ है।
