सामना संवाददाता / मुरादाबाद
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में पैथोलॉजी की एचओडी प्रो. सीमा अवस्थी ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए अपने विषय की मूल जानकारी और समझ होना आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को थ्योरी और प्रैक्टिकल के बीच के अंतर को कम करना होगा, ताकि वे आधुनिक हेल्थ केयर सिस्टम एवं डायग्नोस्टिक क्षेत्र में दक्ष बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि हमें विशेषज्ञों से प्रेरणा लेते हुए निरंतर सीखते रहना चाहिए।
प्रो. अवस्थी ने बताया कि कार्यशालाओं में विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलता है, जबकि सीएमई में यह अनुभव सीमित रहता है। वह कॉलेज ऑफ हेल्थ एंड एलाइड साइंसेज की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर प्रो. सीमा अवस्थी के साथ कॉलेज ऑफ एलाइड हेल्थ एंड साइंसेज के प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार, एमएलटी की एचओडी प्रो. रूचि कांत, डॉ. आशुतोष, डॉ. दीप्ति अरोरा तथा हिस्टोपैथोलॉजी लैब के प्रभारी श्री यशपाल सहित अन्य अतिथियों ने सहभागिता की। सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया तथा अंत में स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के दूसरे सत्र में प्रो. सीमा अवस्थी ने हिस्टोपैथोलॉजी लैब में विद्यार्थियों को टिश्यू के सही फिक्सेशन, ग्रोसिंग और प्रोसेसिंग की प्रक्रिया विस्तार से समझाई। उन्होंने बताया कि कैंसर जैसे गंभीर रोगों की पहचान में हिस्टोपैथोलॉजी अत्यंत प्रभावी विधि है।
तकनीकी सत्रों के दौरान विद्यार्थियों को अलग-अलग समूहों में विभाजित कर श्री यशपाल के निर्देशन में हैंड्स ऑन ट्रेनिंग भी कराई गई। इससे विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिला।
प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी और उनके व्यावसायिक कौशल को सुदृढ़ बनाएगी।
कार्यक्रम में आरआईटी के एचओडी श्री अमित बिष्ट, डॉ. अर्चना जैन, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. शिवसरन सिंह, डॉ. पिनाकी अदक, डॉ. शिखा पालीवाल, डॉ. वर्षा राजपूत, डॉ. रेनू चौधरी, सुश्री विवेचना, सुश्री साक्षी बिष्ट, श्री शिवम अग्रवाल, सुश्री अदिति त्यागी सहित अनेक शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थियों कैफ कुरैशी और शहजीन ने किया।
