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महादेवी को वनतारा से वापस लाओ! …नागरिकों ने मौन मार्च निकालकर सरकार से की मांग

सामना संवाददाता / मुंबई
कोल्हापुर में महादेवी हथिनी को वनतारा भेजने के फैसले के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। हजारों लोगों ने मौन मार्च निकाला और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। लोगों का कहना है कि महादेवी को वापस नंदनी स्थित जैन मठ में लाया जाए, जहां वह ३० साल से अधिक समय तक रही थी।
स्थानीय नेताओं का समर्थन
स्थानीय नेता और सांसद महादेवी को वापस लाने के लिए केंद्र से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करवाने की कोशिश कर रहे हैं। महाराष्ट्र के मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि वनतारा के अधिकारी महादेवी को वापस लाने के प्रयासों में सहयोग करेंगे।
विरोध प्रदर्शन
लोगों ने महादेवी को वापस लाने की मांग को लेकर जियो सिम कार्ड का बहिष्कार शुरू कर दिया है और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। दो लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं और इसे स्पीड पोस्ट के जरिए राष्ट्रपति कार्यालय भेजा जाएगा।
वनतारा में इलाज
वनतारा में महादेवी का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों और पशु-व्यवहार विशेषज्ञों की देखरेख में हो रहा है। उसे जंजीरों से मुक्ति दी गई है और खुले स्थान में विचरण करने की सुविधा दी गई है। वनतारा में महादेवी का इलाज चल रहा है, लोग उसे वापस कोल्हापुर लाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
महादेवी का महत्व
महादेवी नंदनी मठ के धार्मिक और सामाजिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। उसके प्रवास से ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और क्षेत्र में अशांति पैâल गई है। इसलिए, स्थानीय ग्रामीणों सहित कोल्हापुर के कई नागरिक महादेवी हथिनी को वापस लाने की मांग कर रहे हैं।

महादेवी की स्थिति
महादेवी की उम्र ३६ साल है और उसे पैरों में सड़न, पैर के नाखून बड़े होने, गठिया और मानसिक आघात की समस्या है। वनतारा में उसका इलाज चल रहा है, लेकिन लोगों का मानना है कि उसे वापस कोल्हापुर लाने से उसकी स्थिति में सुधार होगा।

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