मुख्यपृष्ठअपराधयुवक की निर्मम हत्या!

युवक की निर्मम हत्या!

-आरोपी असद ने कबूला “करन की बेरहमी से काटी गर्दन…शरीर पर किए 15 से अधिक वार”

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

बुल्डोजर और काउंटर के दहशत की रौंदते हुए एक सम्प्रदाय के युवकों ने अलीगढ़ में मुरादाबाद हाईवे पर स्थित मिश्रित आबादी वाले कस्बा जवां में शनिवार रात करन उर्फ काली (20) की तालिबानी स्टाइल में चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इसके बाद हत्या के मुख्य आरोपी असद ने खुद थाने पहुंचकर समर्पण कर दिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पुरानी खुन्नस व परिवार की एक युवती की फोटो सोशल मीडिया पर डालने के विवाद में उसने वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद भड़की भीड़ ने दूसरे समुदाय के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने व फांसी देने की मांग पुलिस के समक्ष रख दी। इसे लेकर पीड़ित पक्ष ने शनिवार आधी रात से लेकर रविवार दिन भर जमकर बवाल काटा। लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। कस्बे में तनाव के हालात के बीच दिन भर बाजार भी बंद रहा। कई बार पुलिस से टकराव के हालात बने। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार, घटनाक्रम रात करीब 11:30 बजे का है। कस्बे के मोहल्ला अहेरिया चौक की विधवा महारानी अहेरिया के तीन बेटों में मझला करन नोएडा में किसी ठेकेदार के अधीन काम करता था। दीपावली की छुट्टी लेकर शनिवार रात करीब नौ बजे वह बाइक पर नोएडा से घर पहुंचा। इसके बाद खाना खाकर वह घर की गली के बाहर आरोपियों के दरवाजे के सामने आकर खड़ा हो गया। आरोप है कि तभी नामजद लोग पीटते हुए खींचकर गली के कोने पर खुद के ही खंडहरनुमा मकान में ले गए। अंदर बनी कोठरी में उसकी गर्दन ईंट के सहारे रखकर छुरे से पहले गला रेता। फिर शरीर पर चाकू से अनगिनत वार किए। इस बीच करन के छोटे भाई सनी ने भाई की चीख सुनी तो उसने दौड़कर शोर मचाया। उसने देखा कि आरोपी करन पर हमलावर थे। भीड़ को आता देख आरोपी उसे वहीं छोड़कर भाग गए। इसी बीच पुलिस पहुंच गई। आनन-फानन करन को सीएचसी ले जाया गया, लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

करन के पोस्टमार्टम में पाया गया कि उसकी किसी धारदार हथियार से गर्दन रेती गई। गर्दन का हिस्सा काफी अंदर तक कटने व अत्यधिक खून बहने से उसकी मृत्यु हुई। इसके अलावा कंधे, गर्दन, होठ, ठोड़ी, नाक, कमर, हाथ, पैर और पीठ आदि कुल 15 जगहों पर चाकू से वार किए गए। हत्या से कुछ देर पहले ही करन मोहल्ले की ही दूसरे समुदाय की एक युवती को दवा दिलाकर लौटा था। वह बीमार थी। पड़ोसी होने के नाते उसने मदद की थी। घटनास्थल पर भी इस बात की चर्चा होती रही। बताया जाता है कि युवती आरोपियों के खानदान से जुड़े एक पक्ष की थी। पुलिस का कहना है कि यह तथ्य भी सामने आया है। इसकी भी जांच की जा रही है। “आसपास के लोगों का कहना था कि करन का व्यवहार पड़ोसियों के लिए मददगार का रहता था। रात को वह नोएडा से लौटा था। कुछ देर बाद ही पड़ोसी परिवार की बीमार युवती को कस्बे में ही एक चिकित्सक को दिखाने के लिए ले गया था। करीब आधा घंटे बाद लौटा और खाना खाने के बाद घर के बाहर खड़ा हो गया। यहीं से आरोपियों ने उसे खींच लिया और हत्या कर दी”।
नेतृत्व विहीन भीड़ आरोपियों को सौंपने और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रही थी। नगर पंचायत से बुलडोजर तक मंगवा लिया गया। शाम को चार बजे परिवार की आर्थिक मदद और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के लिखित भरोसे पर परिवार माना। तब जाकर पुलिस-प्रशासनिक अमले से लेकर कस्बावासियों ने राहत महसूस की। इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने कहा कि “करन की हत्या के बाद रात में ही सभी आठ नामजद दबोच लिए गए। अब तक की पूछताछ में पुरानी खुन्नस और एक लड़की को लेकर विवाद सामने आया है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। रविवार को दिन में भीड़ ने बुलडोजर कार्रवाई के लिए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। उन्हें समझाकर शांत किया गया है। बाकी आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अन्य समाचार