मुख्यपृष्ठटॉप समाचारमुंबई की ३९ हजार झोपड़ियों पर बुलडोजर की तैयारी!

मुंबई की ३९ हजार झोपड़ियों पर बुलडोजर की तैयारी!

 -१४ फुट या उससे ऊंची ३९,१११ कथित अनधिकृत संरचनाएं
-मनपा के निशाने पर; एक अक्टूबर से तीन महीने चलेगा अभियान
-पहले चरण में ६११ को नोटिस;
-पूर्वी उपनगरों में सर्वाधिक ३१,२२७ संरचनाएं

सामना संवाददाता / मुंबई

महानगर की झोपड़पट्टियों में बनी हजारों ऊंची संरचनाओं पर बुलडोजर चलने की आशंका बढ़ गई है। मनपा ने १४ फुट अथवा उससे अधिक ऊंची ३९,१११ कथित अनधिकृत झोपड़ी-संरचनाओं के विरुद्ध एक अक्टूबर से तीन महीने का विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है। पहले चरण में ६११ संरचनाओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
सर्वेक्षण के अनुसार, सबसे अधिक ३१,२२७ संरचनाएं पूर्वी उपनगरों में हैं। पश्चिमी उपनगरों और शहर के दूसरे हिस्सों में भी ऐसी संरचनाएं चिह्नित की गई हैं। इनमें झोपड़ियों के ऊपर बनाए गए अतिरिक्त तल, ऊंचे निर्माण और कथित रूप से बिना अनुमति किए गए विस्तार शामिल हो सकते हैं। मनपा की दलील है कि नियमों के विरुद्ध बने ऊंचे ढांचे दुर्घटनाओं और आग लगने की स्थिति में बड़ा खतरा बन सकते हैं। तंग गलियां, कमजोर नींव और अग्निशमन वाहनों की सीमित पहुंच इन बस्तियों की जोखिमपूर्ण स्थिति को और गंभीर बनाती है। फिर भी सुरक्षा के नाम पर सामूहिक कार्रवाई से पहले प्रत्येक संरचना की कानूनी स्थिति की अलग-अलग जांच आवश्यक है। सभी ३९,१११ संरचनाओं को तत्काल गिराने का अंतिम आदेश नहीं हुआ है।
बुलडोजर से पहले पुनर्वास का जवाब दो!
मनपा को स्पष्ट करना चाहिए कि जिन घरों पर कार्रवाई होगी, उनमें कितने परिवार रहते हैं और उनमें कितने पुनर्वास के पात्र हैं। कार्रवाई के बाद महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग कहां जाएंगे? यदि ऊपरी हिस्सा अवैध है तो क्या केवल वही हटाया जाएगा या पूरा घर गिराया जाएगा? सुरक्षा जरूरी है, लेकिन हजारों परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था सड़क पर छोड़ना समाधान नहीं हो सकता। पहले सर्वेक्षण, सुनवाई और पुनर्वास की स्पष्ट योजना, उसके बाद ही बुलडोजर चलना चाहिए।

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