-मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप-वेंस का बड़ा एलान; सरकारी फंड के दुरुपयोग की जानकारी देने वालों को मिलेगा इनाम
अमेरिका में मिडटर्म चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सरकारी धोखाधड़ी का खुलासा करने वालों के लिए २५ मिलियन डॉलर के प्रोत्साहन कार्यक्रम की घोषणा की है। ‘फ्रॉड व्हिसलब्लोअर इंसेंटिव प्रोग्राम’ के तहत संघीय योजनाओं में धोखाधड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग की विश्वसनीय जानकारी देने वाले लोगों को ३० हजार डॉलर तक का इनाम मिल सकता है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी फंड की चोरी रोकना और करदाताओं के पैसे की रक्षा करना बताया गया है। हालांकि, चुनाव से पहले हुई इस घोषणा को आम लोगों को आर्थिक प्रोत्साहन देने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस कार्यक्रम का संचालन अमेरिकी न्याय विभाग करेगा। ऐसे मामलों में जानकारी देने वाले व्यक्ति को इनाम मिल सकता है, जिनमें उसकी सूचना के आधार पर किसी दोषी को सजा होती है या संघीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई की जाती है। ट्रंप ने कहा कि इनाम की राशि धोखाधड़ी से जुड़ी रकम का एक फीसदी हो सकती है। यदि एक ही मामले में कई लोग जानकारी देने का दावा करते हैं, तो इनाम किसे मिलेगा, इसका फैसला ट्रंप स्वयं करेंगे। उन्होंने इस प्रक्रिया को बाध्यकारी मध्यस्थता बताया और कहा कि पत्रकार भी इस कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं।
वेंस की अगुवाई में धोखाधड़ी के खिलाफ अभियान
ट्रंप प्रशासन ने सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और फंड के दुरुपयोग पर कार्रवाई के लिए मार्च में एक टास्क फोर्स बनाई थी, जिसका नेतृत्व वेंस कर रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि करदाताओं के पैसे की चोरी रोकने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। वहीं, ट्रंप और उनके परिवार के कारोबारी हितों को लेकर आलोचक सवाल उठाते रहे हैं। व्हाइट हाउस ने इन आरोपों का बचाव करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति के फैसले अमेरिकी जनता के हित में हैं।
इन्फ्लुएंसर को इनाम देने का भी वादा
इससे पहले ट्रंप ने दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर निक शर्ली को १० हजार डॉलर देने का वादा किया था। शर्ली ने मिनेसोटा में कथित फर्जी चाइल्डकेयर केंद्रों के जरिए संघीय सब्सिडी में धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। उनके वीडियो के बाद जांच, तलाशी और गिरफ्तारियां हुर्इं, हालांकि निरीक्षकों ने केंद्रों के संचालन को अपेक्षा के अनुरूप बताया था। ऐसे में नई योजना की पारदर्शिता और इसके क्रियान्वयन पर भी नजर रहेगी।
