अनिल मिश्र / पटना
बिहार प्रदेशभर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व आज गुरुवार को भाईचारे के साथ मनाया गया। इस बीच राजधानी पटना से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुजफ्फरपुर के मुस्लिम समाज ने नरेंद्र मोदी सरकार से बड़ी मांग करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए और बीफ के कारोबार पर रोक लगाई जाए।
इधर, राष्ट्रीय जनता दल के विधान पार्षद डॉ. कारी सोहैब ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार पर बीफ व्यवसाय को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वाले लोग गाय के नाम पर नफरत फैलाते हैं।
राजद विधान पार्षद ने कहा कि आज का दिन पूरी दुनिया के लिए बहुत अहम है। कुर्बानी का मतलब है कि अपने अहंकार, घमंड, बेजा जज्बात और बुरी सोच की कुर्बानी दी जाए तथा सब मिलजुलकर भाईचारे और मोहब्बत के उसूलों को आगे बढ़ाएं। इससे समाज और देश की तरक्की होगी।
उन्होंने कहा कि आज सभी बिरादरी और मजहब के लोग एक-दूसरे के पर्व-त्योहार में शामिल होते हैं, लेकिन कुछ लोग इसमें भी सियासत कर रहे हैं। भारत आज बीफ के निर्यात में पूरी दुनिया में सबसे अव्वल हो गया है, जो वर्ष 2014 में नहीं था। मोदी सरकार आने के बाद इसमें काफी इजाफा हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और बीजेपी के लोग ही गाय की तस्करी बांग्लादेश तक कर रहे हैं।
इस बीच राजद विधान पार्षद डॉ. कारी सोहैब ने कहा कि राजस्थान में 500 गायें मर गईं, लेकिन उन्हें बचाने कोई नहीं आया। ये लोग गाय के नाम पर पाखंड करते हैं। जबकि भाजपा नेता संगीत सोम की बीफ फैक्ट्री योगी आदित्यनाथ के राज यानी उत्तर प्रदेश में है।
उन्होंने कहा कि ये लोग अपने को हिंदुत्ववादी नेता कहेंगे, वाई श्रेणी की सुरक्षा में चलेंगे और बीफ का कारोबार करेंगे। ये लोग कंपनियां खोलते हैं और कोई लेकर बेचने जाएगा तो उसकी लिंचिंग करेंगे। ये लोग गाय के नाम पर नफरत की राजनीति करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग, जो गोडसे को मानते हैं, वे भगवान राम के नाम पर राजनीति करते हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेता एक ओर गाय के नाम पर चंदा मांगते हैं और दूसरी ओर बीफ की तस्करी करते हैं। भाजपा गाय काटने वालों से चंदा लेकर झंडा खरीदती है और वही झंडा हिंदू भाइयों के हाथ में देकर ‘जय श्रीराम’ का नारा लगवाती है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी कहते हैं कि 14 साल के बाद गाय को काट सकते हैं। ऐसा कहने वाले सनातनी हो ही नहीं सकते। हमारी मां बूढ़ी हो जाएगी तो क्या उन्हें काट देंगे?
उन्होंने कहा कि यदि इन लोगों में जरा भी इंसानियत बची है, तो जितनी जल्दी हो सके गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। इसके लिए मुस्लिम समाज बड़ा आंदोलन करेगा। राष्ट्रीय जनता दल इसकी लड़ाई लड़ेगी कि सभी बीफ कंपनियों को बंद किया जाए।
