मुख्यपृष्ठनए समाचारमनपा स्कूलों से बच्चों का हो रहा है मोहभंग!

मनपा स्कूलों से बच्चों का हो रहा है मोहभंग!

-छात्र संख्या आधी होने से मचा हड़कंप…९,६१३ से घटकर ५,०४२ हुआ ऑनलाइन पंजीकरण

सुरेश गोलानी / मुंबई

मीरा-भायंदर महानगरपालिका प्रशासन भले ही हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर अपने स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, मुफ्त स्टेशनरी और शिक्षण का स्तर बढ़ाने के अपने प्रयासों का ढोल पीट रहा हो, लेकिन इस साल छात्रों के पंजीकरण में आई भारी गिरावट ने इन दावों की पोल खोल दी है। मनपा के शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में केवल ५,०४२ छात्रों का ऑनलाइन पंजीकरण दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल जुलाई में यह संख्या ९,६१३ थी। इससे साफ हो गया है कि छात्रों के पंजीकरण की संख्या घटकर लगभग आधी रह गई है। हालांकि, शिक्षण विभाग ने स्कूलों में छात्रों की संख्या आधी होने पर उठ रहे सवालों को लेकर यह स्पष्टीकरण दिया है कि वर्तमान में जो संख्या दिख रही है, वह केवल उन छात्रों की है जिनका आधार कार्ड यू-डायस पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपलोड और लिंक किया जा चुका है। इसके अलावा कई छात्र अपने परिवारों के साथ खेती के काम या अन्य कारणों से फिलहाल अपने गांव गए हुए हैं, जिनकी ऑफलाइन और ऑनलाइन कागजी प्रक्रिया अभी पूरी होना बाकी है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की अंतिम संख्या हर साल सितंबर के अंत में तय होती है। उम्मीद की जा रही है कि ३० सितंबर, २०२६ तक सभी छात्रों के दस्तावेज अपलोड होने के बाद यह संख्या पिछले साल के मुकाबले घटने के बजाय बढ़ती हुई नजर आएगी। नगरपालिका से महानगरपालिका बनने के सफर में स्कूलों की संख्या बढ़ाकर ३६ हो गई है, जिनमें २१ मराठी माध्यम के अलावा हिंदी, उर्दू, गुजराती और सेमी-इंग्लिश माध्यम से मुफ्त में शिक्षा प्रदान की जाती है। मनपा के ये स्कूल प्रमुख रूप से समाज के सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करते हैं।
सितंबर में खुलेगा पंजीकरण का सच
मनपा प्रशासन के अनुसार ५,०४२ छात्रों का आंकड़ा अंतिम नहीं है। कई विद्यार्थियों के आधार कार्ड यू-डायस से लिंक नहीं हुए हैं, जबकि कुछ परिवारों के साथ गांव गए हैं। ३० सितंबर तक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वास्तविक छात्र संख्या सामने आने की उम्मीद है।

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