मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंढवा जमीन मामले में पार्थ पवार पर चला हाई कोर्ट का हंटर......

मुंढवा जमीन मामले में पार्थ पवार पर चला हाई कोर्ट का हंटर… ‘पार्थ को आरोपी क्यों नहीं बनाया?’

-पुलिस की जांच पर अदालत के सवाल से बढ़ा सियासी तूफान

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र के चर्चित मुंढवा जमीन सौदा मामले में अब अजीत पवार गुट के नेता और अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मुंढवा की करीब ४० एकड़ सरकारी जमीन के कथित सौदे को लेकर मुंबई हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार पर जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने पुलिस से बेहद अहम सवाल किया है कि पार्थ पवार को इस मामले में आरोपी क्यों नहीं बनाया गया?
न्यायमूर्ति माधव जामदार की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई चल रही है। मामला अमेडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी द्वारा ४० एकड़ सरकारी जमीन खरीदे जाने से जुड़ा है। इसी मामले में पार्थ पवार की कथित भूमिका को लेकर हाई कोर्ट ने पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत की ओर से पुलिस से यह पूछे जाने के बाद कि पार्थ पवार को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया, पूरे मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। अब अगली सुनवाई में पुलिस को अपनी भूमिका और जांच के संबंध में जवाब देना होगा। विपक्ष पहले से ही सत्ता से जुड़े लोगों पर प्रभाव और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर सरकार को घेरता रहा है। मुंढवा जमीन प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि यदि जांच में पार्थ पवार की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो उन्हें आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? क्या जांच में सभी संबंधित लोगों की भूमिका समान रूप से परखी गई? क्या प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़े व्यक्ति को जांच के दायरे से बाहर रखा गया? इन सवालों का जवाब अब पुलिस को अदालत के सामने देना होगा।

अन्य समाचार