अनिल मिश्र / रांची
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच में सीआईडी द्वारा की जा रही कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन सरकार भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली, धनबल या रसूख वाला क्यों न हो, यदि जांच में उसकी संलिप्तता सामने आती है तो उसे कानून के अनुसार जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन द्वारा आंदोलनरत छात्रों से संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही उच्चस्तरीय समिति गठित करने की पहल यह साबित करती है कि वर्तमान सरकार टकराव नहीं, बल्कि संवाद और न्याय में विश्वास रखती है। छात्र राज्य की पूंजी हैं और उनकी आवाज़ को सुना जाना सरकार की प्राथमिकता है। यह उक्त बातें झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कही। वहीं विजय शंकर नायक ने कहा कि दूसरी ओर भाजपा का पूरा राजनीतिक अभियान “चोर मचाए शोर” की कहावत को चरितार्थ करता है। भाजपा आज हर भर्ती परीक्षा पर राजनीति कर रही है, लेकिन अपने शासनकाल में भर्ती प्रक्रियाओं और उनसे जुड़े विवादों पर कभी आत्ममंथन करने को तैयार नही है । जनता यह जानना चाहती है कि भाजपा अपने कार्यकाल की भर्ती संबंधी शिकायतों और विवादों पर निष्पक्ष जांच की मांग क्यों नहीं करती। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि हर संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाकर कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन सरकार को बदनाम करना है। भाजपा को युवाओं की चिंता नहीं, अपनी गिरती राजनीतिक जमीन की चिंता है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सीआईडी द्वारा विभिन्न जिलों में की गई छापेमारी इस बात का संकेत है कि जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सक्षम एजेंसी एवं न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही सामने आएंगे। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि यदि किसी भी व्यक्ति, संस्था या नेटवर्क की संलिप्तता कानूनन सिद्ध होती है तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।विजय शंकर नायक ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में पारदर्शिता की पक्षधर है तो वह अपने शासनकाल की सभी भर्ती प्रक्रियाओं और विवादित मामलों की भी निष्पक्ष जांच का समर्थन करे। भाजपा को केवल वर्तमान सरकार पर उंगली उठाने के बजाय यह भी बताना चाहिए कि उसके कार्यकाल में भर्ती प्रणाली को लेकर उठे सवालों का जवाब आज तक क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। भर्ती माफिया, दलाल, बिचौलिये और परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता है—पारदर्शी भर्ती, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई।विजय शंकर नायक ने कहा कि “झारखंड का युवा न्याय चाहता है, भाजपा केवल राजनीति चाहती है। कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन सरकार न्याय दिलाएगी, जबकि भाजपा भ्रम फैलाने की राजनीति करती रहेगी। सच सामने आएगा और दोषी कानून के कटघरे में खड़े होंगे।
