सामना संवाददाता / मुंबई
देश में चुनावी घोटाले के सूत्रधार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘सीजेपी’ की ओर से आज २ अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन दादर के छत्रपति शिवाजी महाराज मैदान में ‘जेल भरो’ आंदोलन किया जाएगा। पुलिस ने ‘सीजेपी’ के आंदोलन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद आंदोलन किया जाएगा, ऐसी घोषणा आज ‘सीजेपी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने की। इसके चलते कल शिवाजी पार्क में होने वाले आंदोलन पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस आंदोलन को शिवसेना ने खुला समर्थन दिया है। बड़ी संख्या में शिवसैनिक इस आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे देश के गद्दार हैं और उनके खिलाफ आपराधिक धाराएं लगाई जानी चाहिए। यदि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं लिया गया तो पूरे देश में तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
दीपके ने कहा कि संविधान ने हमें आंदोलन करने का अधिकार दिया है और हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। सरकार चाहे कितने भी प्रयास कर ले, आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा, ‘मुख्यमंत्री साहब, मुझे तीन दिन नहीं बल्कि तीन महीने जेल में डाल दीजिए! फिर भी मैं सड़क पर लौटूंगा।
शिवसेना-मनसे के आंदोलन को समर्थन
शिवाजी पार्क में होने वाले ‘सीजेपी’ के आंदोलन को शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे पहले ही समर्थन दे चुके हैं। वहीं, ‘ज्ञानेश कुमार हटाओ देश बचाओ’ की मांग और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से रविवार को मुंबई में विराट महामोर्चा निकाला जाएगा। इस महामोर्चे को ‘सीजेपी’ के अभिजीत दीपके ने भी समर्थन देने की घोषणा की है।
