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दावे ‘मिनटों’ के, दर्द ‘घंटों’ का मेट्रो लाइन ५ के लिए इंतजार बढ़ा! …मुंबई इन मिनट्स विजन में देरी से नागरिक बेहाल

द्रुप्ति झा / मुंबई
‘मुंबई इन मिनट्स’ का विजन फिलहाल आम जनता के लिए घंटों का ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन चुकी है। ठाणे, भिवंडी और उल्हासनगर को जोड़नेवाली मेट्रो लाइन ५ को लेकर प्रशासन भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है और लोगों के लिए सालों का इंतजार बनकर रह गया है। मेट्रो लाइन ५ (ऑरेंज लाइन) को लेकर जहां एक तरफ बड़े विस्तार की बात कही जा रही है तो वहीं इस परियोजना को लेकर कई चुनौतीपूर्ण और चिंताजनक बातें भी सामने आई है।
परियोजना के बार-बार बदलते अलाइनमेंट, नए एक्सटेंशन (लाइन ५ए) और भूमिगत रूट को शामिल करने के कारण इसके बजट में भारी बढ़ोतरी हुई है। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ८,४१६ करोड़ रुपए थी, जो अब बढ़कर १८,१३१ करोड़ (लगभग दोगुने से भी ज्यादा) हो चुकी है। इस भारी खर्च का बोझ सीधे तौर पर सरकारी खजाने और कर्ज के रूप में जनता पर आ रहा है।
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का काम अपनी शुरुआती डेडलाइन से काफी पीछे चल रहा है। पहले चरण (ठाणे से भिवंडी) का काम २०२२ और फिर मार्च २०२५ तक पूरा होना था, जो अब लेट होकर २०२६ के अंत या २०२७ की शुरुआत तक खिंच गया। दूसरे चरण (भिवंडी से कल्याण) का काम तो और भी पीछे है, जिसके २०२७ के अंत या २०२८ तक जाने की आशंका है।

परियोजना का विवरण
चरण १ : ठाणे से धामणकर नाका
लंबाई : ११.९ किमी
स्टेशन : ६
स्टेशनों के नाम : बालकुम, कशेली, काल्हेर, पूर्णा, अंजूरफाटा, धामणकर नाका
चरण २ : धामणकर नाका से दुर्गाड़ी
लंबाई :१०.४८ किमी
स्टेशन : ६ (१ भूमिगत + ५ एलिवेटेड)
स्टेशनों के नाम : भिवंडी (भूमिगत), टेमघर, राजनोली, गोवे गांव, कोनगांव (पूर्व), कोनगांव (पश्चिम)

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