आजादी की शुभ बेला का
कैसे करे बखान
जब लाल किले की प्राचीर से
लहराये तिरंगा महान।
भले जात पात धर्म हो भिन्न
भले अलग अलग हो विचार
इस देश का जन जन है करता
बहुत अपने वतन से प्यार
उन्नति को अग्रसर भारत की
दुनिया मे है पहचान।
जब लाल किले की प्राचीर से
लहराए तिरंगा महान।
ऐ मेरे प्यारे वतन तुझे
दुश्मन की नजर ना लागे
तू राज करे दुनिया पे सदा
तेरे पीछे दुनिया भागे,
हो चीन अमेरिका या पिछलग्गू
भूखा पाकिस्तान।
जब लाल किले की प्राचीर से
लहराये तिरंगा महान।
पूरन ठाकुर जबलपुरी
कल्याण ईस्ट
