राजेश सरकार / प्रयागराज
साइबर क्राइम थाना पुलिस के लिए लगातार चुनौती बने साइबर शातिरों को इस दफा पुलिस ने पटखनी दी है। पुलिस टीम ने एक महिला को ऑनलाइन ठगी मामले में एक साल के भीतर बड़ी राहत दिलाई है। टीम ने तेजी और तत्परता दिखाते हुए 27 लाख रुपए की ठगी में से 12 लाख रुपए वापस दिलाए। इससे
पीड़िता को काफी राहत मिली। उसने टीम का आभार जताया है।
भुक्तभोगी महिला के मुताबिक ठगी का मामला वर्ष २०२४ का है। थाना साइबर क्राइम प्रयागराज में मुकदमा अपराध संख्या ३४/२०२४ दर्ज है। इसमें महिला से किसी अज्ञात शख्स ने ऑनलाइन क्रिप्टो करेंसी में निवेश का लालच देकर 27 लाख रुपए की ठगी कर ली थी। मुकदमा धारा 319 (2)/ 318(4) एवं 66(सी)/66(डी) आईटी एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया था। पुलिस आयुक्त व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रयागराज कमिश्नरेट ने मामले में जरूरी निर्देश दिए। फिर पुलिस उपायुक्त गंगानगर एवं नोडल साइबर के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम) के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू की। टीम ने विभिन्न बैंकों और ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफार्म से लगातार संपर्क साधा। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस 12 लाख रुपए को ट्रैक कर पाने और उसे होल्ड कराने में सफल रही। यह राशि एक सितंबर 2025 को वादिनी के खाते में सुरक्षित वापस कराई गई। ऑनलाइन ठगी में गवाएं रकम में से संतोषजनक धनराशि वापस मिलने के बाद साइबर सेल कार्यालय जाकर अफसरों समेत पूरी पुलिस टीम को धन्यवाद पत्र सौंपते हुए भुक्तभोगी महिला ने उनकी सराहना की। कहा कि पुलिस की मेहनत और तत्परता के कारण उसे बड़ी राहत मिली है। पुलिस टीम में निरीक्षक ओम नारायण गौतम, थाना साइबर क्राइम कमिश्नरेट प्रयागराज, कांस्टेबल अनुराग यादव, महिला आरक्षी शिखा सिंह शामिल रहीं। महिला के साथ हुई ठगी की इस घटना को लेकर एक बार फिर साइबर क्राइम पुलिस ने आम जनता को जागरूक किया।
टीम ने बताया कि ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत NCRP पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें।
