-भाजपा के मंत्री ने भी किया समर्थन
-सीएम दिखा रहे हजारों करोड़ का सपना
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में विदेशी निवेश के मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री अजीत दादा के बयानों में ३६ का आंकड़ा दिख रहा है। फडणवीस जहां राज्य में हजारों करोड़ रुपयों के विदेशी निवेश का सपना दिखा रहे हैं, वहीं दादा ने उनके बयान पर वार करते हुए कहा है कि यहां विदेशी निवेश का आना मुश्किल है।
बता दें कि राज्य में निवेश को लेकर झूठे दावे किए जा रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री निवेश के बड़े- बड़े आंकड़े बताकर राज्य की जनता को भ्रमित कर रहे हैं। विपक्ष ऐसा आरोप लगातार लगाता आ रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में दावा किया कि राज्य में ८० लाख करोड़ का निवेश आ रहा है, जबकि राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री अजीत पवार ने सच्चाई बयान करते हुए कहा कि राज्य की स्थिति अच्छी नहीं है। जिस तरह से गंदी राजनीति और समाज और जाति के बीच भेदभाव का खेल शुरू है, उससे राज्य में निवेश आना मुश्किल है।
राज्य का माहौल है खराब!
राज्य में विदेशी निवेश के नाम पर जनता के साथ छल किया जा रहा है। इस बात की पोल अजीत दादा ने खोल दी है। सीएम कह रहे हैं कि हजारों करोड़ का निवेश आ रहा है और डिप्टी सीएम इसे मुश्किल बता रहे हैं। आश्चर्य है कि भाजपा के ही मंत्री चंद्रकांत पाटील ने अजीत दादा के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से राज्य का माहौल खराब हुआ है।
राज्य में बन रहे सामाजिक तनाव के माहौल के बीच उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने नागपुर में आयोजित चिंतन शिविर में कहा था कि राज्य के हित में काम करते समय किसी भी समाज पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सारथी, बार्टी और अन्य संस्थाओं को मदद से वंचित नहीं रखा जाएगा। पिछले दो महीनों से विभिन्न–समाजों के बीच फूट डाली जा रही है, जो प्रगतिशील महाराष्ट्र को मंजूर नहीं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के इतिहास में ऐसा माहौल कभी नहीं रहा। इससे राज्य में निवेश आना मुश्किल हो जाएगा। दादा के बयान का शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने समर्थन करते हुए कहा कि दादा की बात बिल्कुल सही है। निवेश लाने में बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। निवेश आने के लिए सबसे पहले यहां का वर्क कल्चर देखा जाता है। फिलहाल वर्क कल्चर दिन-ब-दिन बिगड़ता जा रहा है। गांव-गांव में जो सामाजिक और जातीय आंदोलन चल रहे हैं, उसका सीधा असर राज्य के औद्योगिक विकास पर पड़ रहा है।
दादा ने लगाई फटकार
उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने नागपुर के चिंतन शिविर में राष्ट्रवादी मंत्रियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रवादी के मंत्री अन्य कामों में व्यस्त रहेंगे तो उन्हें मंत्री पद छोड़ना होगा। साथ ही पालक मंत्रियों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में कम-से-कम तीन दिन निकालने ही होंगे, यह शर्त भी अजीत पवार ने रखी है।
दो वक्त का भोजन ही हमारी प्राथमिकता
मंत्री चंद्रकांत पाटील कल नांदेड़ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपस्थित थे। समारोह खत्म होने के बाद मंत्री ने कहा कि शिक्षा हमारे देश की पहली प्राथमिकता नहीं है, बल्कि दो वक्त का भोजन ही हमारी प्राथमिकता है। महाराष्ट्र की सामाजिक बुनावट पूरी तरह बिखर चुकी है। गांव-गांव में जात-पात के आधार पर जो कुछ हो रहा है, वह महाराष्ट्र के लिए घातक है। संतों ने समता और एकता का संदेश दिया, लेकिन आज का महाराष्ट्र देखकर संतों की आत्मा को भी पीड़ा होगी।
