राजेश सरकार / प्रयागराज
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री सत्यम शुक्ला ने बृहस्पतिवार को नैनी में पत्रकारों से वार्ता करते हुए यमुनापार क्षेत्र में एम्स की स्थापना की पुरजोर मांग उठाई। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को देखते हुए संगम नगरी के यमुनापार क्षेत्र में एम्स जैसी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने पहली बार जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर नैनी में एम्स स्थापित करने की मांग की है। उनका कहना था कि प्रयागराज के प्रमुख अस्पतालों में मरीजों की लगातार बढ़ती भीड़ यह साबित करती है कि जिले में स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार अब अनिवार्य हो गया है।
सत्यम शुक्ला ने कहा कि लगभग 80 लाख की आबादी वाले प्रयागराज में वर्तमान समय में स्वरूप रानी, बेली, कमला नेहरू, काल्विन और डफरिन जैसे सीमित अस्पतालों पर ही पूरा दबाव है। ऐसे में गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ, रायबरेली, गोरखपुर और बीएचयू वाराणसी तक जाना पड़ता है। लंबी दूरी कई बार मरीजों के लिए जानलेवा साबित होती है।
उन्होंने कहा कि यमुनापार भौगोलिक दृष्टि से जिले का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां एम्स बनने से न केवल शहर, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और आसपास के जनपदों के लोगों को भी आधुनिक चिकित्सा सुविधा कम दूरी पर उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही नैनी औद्योगिक क्षेत्र में एम्स की स्थापना से उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रयागराज की इस अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता पर गंभीरता से विचार करे। उनका कहना था कि यमुनापार में एम्स की स्थापना केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए जीवनदान साबित होगी। इससे गरीब, वंचित तथा जरूरतमंद परिवारों को अपने ही जिले में किफायती और बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
