मुख्यपृष्ठनए समाचारपूरे गोदी मीडिया पर कब्जे के बावजूद डिजिटल पत्रकारों के खौफ में...

पूरे गोदी मीडिया पर कब्जे के बावजूद डिजिटल पत्रकारों के खौफ में मोदी-योगी सरकार!

-यूपी की भाजपा सरकार का ‘टेरर फरमान’ जारी

-आम लोगों को जागरुक कर रहे पत्रकारों को चुप कराने की चाल

केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकारों पर अब डिजिटल पत्रकारों का खौफ छा गया है। देश की तमाम संवैधानिक संस्थाओं और ‘साधनसंपन्न’ गोदी मीडिया पर पूरी तरह ‘कब्जा’ कर लेने के बावजूद मोदी-योगी सहित पूरी भाजपा को ‘साधनहीन’ डिजिटल पत्रकारों से डर लगने लगा है। यही वजह है कि अफवाह और फेक न्यूज के बहाने यूपी की योगी सरकार के मार्फत अब डिजिटल पत्रकारों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
यूपी की योगी सरकार ने सोशल मीडिया पर अफवाह और फेक न्यूज पैâलाने वालों पर नजर रखने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश पुलिस अधिकारियों को जारी किया है। इसे लेकर विपक्ष के साथ ही नेटीजंस भी कड़ी आपत्ति जता रहे हैं। इनका कहना है कि फेक न्यूज सबसे ज्यादा भाजपा के आईटी सेल वाले ही फैलाते हैं। भाजपा सरकार भले ही अफवाह और फेक न्यूज के नाम पर डिजिटल पत्रकारों पर शिकंजा कसने की जुगत में है लेकिन लोग यह याद दिलाने से भी नहीं चूक रहे कि जिस डिजिटल सोशल मीडिया को आधार बनाकर मोदी २०१४ में देश का पीएम बन गए, वही अब उनके गले की हड्डी बन गया है, इसलिए उस पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी ओर लोगों का यह भी कहना है कि इस आधार पर सबसे पहले तो भाजपा के ही सभी अकाउंट्स को बंद करना पड़ेगा, जिन पर अमित मालवीय के मार्फत भाजपा हर दिन अनाप शनाप फेक न्यूज चलाने और अफवाहें फैलाने का काम करती है। इसलिए सबसे पहले तो भाजपा के ही सारे सोशल मीडिया अकाउंट बैन किए जाने चाहिए।

अन्य समाचार