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दीदी का फूटा गुस्सा… १०० सीटें लूटी गईं!.. पीएम और गृहमंत्री ने मिलकर मुझे हराया

– यह भाजपा की अनैतिक जीत है

– उन्होंने हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा

सामना संवाददाता / कोलकाता

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने जिस तरह से जोड़-तोड़ करके जीत हासिल की है, उससे सीएम ममता बनर्जी काफी खफा हैं। उनका साफ कहना है कि भाजपा ने चुनाव आयोग की मदद से यहां खेला किया है। ममता ने भाजपा पर वोटों की लूट का आरोप लगाते हुए साफ कहा है कि इस चुनाव में १०० सीटें लूटी गई हैं। पीएम और गृहमंत्री ने मिलकर मुझे हराया है।
उन्होंने बंगाल में भाजपा की जीत पर कहा कि यह अनैतिक जीत है। उन्होंने हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा है। भाजपा ने वोटों की चोरी की है। उन्होंने मेरा घेराव किया। यह भाजपा की अनैतिक जीत है। मैंने बंगाल चुनाव आयुक्त से शिकायत की है। यह भाजपा की जीत नहीं, बल्कि लूट है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है, वह पूरी तरह से गैरकानूनी है।
नैतिक रूप से मेरी विजय
ममता ने कहा कि नैतिक रूप से उनकी विजय हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी सदस्यों के साथ आगे की स्ट्रैटेजी पर चर्चा की जाएगी। मैं अब भाजपा के अत्याचारों को और बर्दाश्त नहीं करूंगी।
मैं इस्तीफा नहीं दूंगी
ममता बनर्जी ने सीएम पद से इस्तीफा देने से इनकार कर राज्य में संवैधानिक संकट जैसी स्थिति खड़ी कर दी है। ममता ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्प्रâेंस में कहा कि ‘मैं इस्तीफा नहीं दूंगी’। कॉन्प्रâेंस के दौरान जब ममता से पूछा गया कि क्या वे इस्तीफा देने के लिए राजभवन गवर्नर के पास जाएंगी? इस प्रश्न का जवाब देते हुए ममता ने कहा कि उनके इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता है।
ज्ञानेश कुमार हैं मुख्य विलेन
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला है। बनर्जी ने कहा कि ऐसा चुनाव उन्होंने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखा। इसी के साथ ही दीदी ने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए उन्हें ‘मुख्य विलेन’ यानी खलनायक तक करार दिया। ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली निष्पक्ष नहीं रही। उन्होंने यह आरोप भी दोहराया कि चुनाव आयोग ने भाजपा के लिए काम किया और महत्वपूर्ण चुनावों में उनकी जीत में मदद की।
ममता ने कहा कि अगर बीजेपी ने निष्पक्ष चुनाव जीतकर जीत हासिल की होती तो मुझे कोई शिकायत नहीं होती, लेकिन हम हारे नहीं हैं। बीजेपी ने ये जीत चुरा ली है। उन्होंने एसआईआर से ९० लाख नाम हटा दिए। जब हम कोर्ट गए तो ३२ लाख लोग वापस जोड़े गए। उन्होंने कहा कि मैंने २००४ के बाद से इस तरह का उत्पीड़न भी नहीं देखा। यह भयावह है। प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने हमें मिलकर हराया है। बीजेपी ने हर तरह का हथकंडा अपनाकर हमें हराया है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमारे कार्यकर्ताओं से मारपीट की। ममता ने कहा कि हम लड़ना नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हमारे लोगों को टॉर्चर करना शुरू कर दिया है। इससे पहले सीएम ममता बनर्जी ने सोमवार को काउंटिंग सेंटर से बाहर आकर बीजेपी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने बंगाल में बीजेपी की बढ़त पर कहा कि यह अनैतिक जीत है। वे हमारे कार्यकर्ताओं को पीट रहे हैं। मुझे लात मारी गई… धक्का दिया गया।
`बंगाल का चुनाव जीता नहीं, चुराया गया है’
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम संस्थागत कारकों से प्रभावित थे और दावा किया कि चुनाव `जीता नहीं गया, बल्कि चोरी हुआ था।’ `एक्स’ पर एक पोस्ट में, सिब्बल ने कहा कि टीएमसी की हार भाजपा से नहीं, बल्कि भारतीय चुनाव आयोग की भूमिका, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनाती और मतदाताओं के कथित मताधिकार से वंचित होने के कारण हुई है।

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